DA Hike News: महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी

सूत्रों के अनुसार, केंद्र की मोदी कैबिनेट ने शनिवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike News) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी (da increase को मंजूरी दे दी।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA में पिछली बार अक्टूबर में संशोधन किया गया था, जब इसे 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया था। अब इसमें दो फीसदी की बढ़ोतरी (da news 2026) कर दी गई है। ऐसे में महंगाई भत्ता बढ़कर 60% हो गया है। हालांकि, अभी जागरण बिजनेस इस खबर की पूर्ण रूप से पुष्टि नहीं कर रहा है। क्योंकि सूत्रों ने यह जानकारी दी है। आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
DA में यह ताजा बढ़ोतरी, कर्मचारी यूनियनों के बढ़ते दबाव के बीच हुई है। ये यूनियनें प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन में व्यापक सुधारों के साथ-साथ बढ़ती कीमतों के असर को कम करने के लिए राहत उपायों की भी मांग कर रही हैं।
कर्मचारी संगठनों ने आधिकारिक घोषणा करने की मांग की
सूत्रों के हवाले से आई डीए बढ़ोतरी में इस खबर के बीच कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अपील की है अगर कैबिनेट ने 2 फीसदी डीए बढ़ोतरी की मंजूरी दी है तो इसे आधिकारिक रूप से बताए।
ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत पटेल ने कहा- “देश की कुछ प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में माध्यम से न्यूज़ चलाई जा रही है कि भारत सरकार ने जनवरी 2026 से 2% DA बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी है लेकिन अभी तक सरकार के किसी पोर्टल जैसे PIB, DOE या DFS पर इसकी जानकारी शेयर नहीं की गई है। भारत सरकार से गुजारिश है कि स्पष्टीकरण जारी कर खबर की पुष्टि करे ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।”
DA Hike का सैलरी और पेंशन पर क्या असर होता है?
DA में बढ़ोतरी से केंद्र सरकार के कर्मचारियों की ‘टेक-होम पे’ (हाथ में आने वाली सैलरी) सीधे तौर पर बढ़ जाती है, क्योंकि इसकी गणना बेसिक सैलरी के एक प्रतिशत के रूप में की जाती है। पेंशनभोगियों के लिए, यही बढ़ोतरी ‘डियरनेस रिलीफ’ (DR) के रूप में दिखाई देती है।
महंगाई भत्ता (DA) का उद्देश्य महंगाई से वास्तविक आय की रक्षा करना है। जैसे-जैसे कीमतें बढ़ती हैं, DA में बढ़ोतरी यह सुनिश्चित करती है कि कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) को बनाए रख सकें। केंद्र सरकार साल में दो बार जनवरी और जुलाई में DA की दरों में संशोधन करती है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण वित्तीय अपडेट बन जाता है, जिस पर लाखों लाभार्थी बारीकी से नजर रखते हैं।





