रिकॉर्ड में छेड़छाड़ मामले में डी.सी. ने पटवारी और कानूनगो पर लिया सख्त एक्शन

रेवेन्यू विभाग में तैनात भ्रष्ट कर्मचारियों के कारनामे एक के बाद एक करके सामने आने शुरू हो गए है। 34 लाख रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी, उसके करिंदे और पिता वा भाई पर विजिलेंस द्वारा डेज मामले के बाद डी.सी. ने रेवन्यू रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करने वाले एक पटवारी और कानूनगो को ग्लाडा अधिकारियो से मिली शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया है।

असल में राज्य में चल रहे हाईवे प्रोजेक्ट्स हेतु जमीन एक्वायर का काम तेजी से चल रहा है , इसी प्रक्रिया तहत ग्लाडा द्वारा 28 अगस्त 2023 को गांव गिल -2 में एक्वायर हुई जमीन संबंधी पटवारी सुखजिंदर सिंह से रिपोर्ट मांगी थी, सुखजिंदर द्वारा भेजी रिपोर्ट में एक्वायर हुई जमीन के मालिक के साथ हुए खेल की जब विभाग ने जांच की तो सामने आया कि गिल -2 की जिस प्रॉपर्टी की ग्लाडा ने पटवारी सुखजिंदर सिंह को रेवन्यू रिकॉर्ड जांच रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था उसमे जानबूझ कर गड़बड़ी की गई थी। पटवारी ने खसरा नंबर 1164 ततीमा को रिकॉर्ड के उल्ट जाकर एक नया इंतकाल नंबर 93400 तहत लगा पूरा रिकॉर्ड ही बदल कर रख दिया। साजिशन किये गए इस खेल से न सिर्फ रेवन्यू रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर खराब कर दिया गया बल्कि जिस परिवार की जमीन एक्वायर हुई थी उन्हें भी इंसाफ के लिए अदालतों की शरण में जाना पड़ा, पटवारी ने रिकॉर्ड में गोलमाल कर तैयार की गई रिपोर्ट को जांचने वाले कानूनगो सुखजितपाल सिंह ने भी ऑब्जेक्शन लगाने की जगह चुपचाप साइन कर दिए।

सारा मामला सामने आने के बाद ग्लाडा अधिकारियो द्वारा इस संबंधी डी.सी. सुरभि मलिक को शिकायत भेज कर पटवारी और कानूनगो खिलाफ सख्त करवाई की सिफारिश की गई थी जिस पर फैसला लेते हुए डी.सी. ने सुखजिंदर सिंह पटवारी और सुखजितपाल सिंह कानूनगो को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। बता दे कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और भ्रष्टाचार के मामले आम आदमी पार्टी सरकार के लिए सरदर्द बने हुए हैं।

एक दिन पहले ही विजिलेंस ने पीरबन्दा पटवार सर्कल में तैनात पटवारी गुरविंदर सिंह उसके प्राइवेट करिंदे निक्कू, भाई और पिता के खिलाफ एक इंतकाल मंजूर करने की एवज में 34 लाख 70 हजार रूपए की भारी भरकम रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया था , जिस जमीन के इंतकाल के बदले पटवारी और उसकी टीम ने लाखो रुपए की रिश्वत वसूली थी वो बस स्टैंड के समीप स्थित है जिसकी कीमत करोड़ो रुपए बताई जाती है, पिछले लम्बे समय से इस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने भी इस जमीन पर लाखो रुपए खर्च कर टाइल लगाने का टेंडर दिया था। 27 वर्ष पुराने इंतकाल को मंजूर करवाने के लिए 35 लाख रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद इतनी बड़ी रकम देने वाले और खुद को जमीन का मालिक बताने वाले शिकायतकर्ता पर भी विभाग की पेनी नजर पड़ गई है और उसके वसीका की भी जांच करने की चर्चा है।

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