इस लड़के की मौत के बाद जयपुर में लगा कर्फ्यू, अब परिवार ने रखी ये डिमांड
जयपुर। राजधानी जयपुर के रामगंज इलाके में हुए उपद्रव के बाद से रविवार को भी पूरे जयपुर शहर में इंटरनेट सेवा बंद है। इस हिंसा में मारे गए आदिल के परिवार वाले उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं करवा रहे है। आदिल के परिवार ने सरकार से 1 करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी की मांग की है।

– शुक्रवार रात रामगंज में बिगड़े हालात के बाद फिलहाल शहर में शांति का माहौल है, लेकिन इस हिंसा में मारे गए आदिल के परिवार वाले उसकी मौत के तीसरे दिन बाद भी उसके शव का पोस्टमार्टम नहीं करवा रहे है। आदिल के परिवार वालों ने प्रशासन को उसकी मौत का जिम्मेदार मानते हुए राज्य सरकार से 1 करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की मांग की है।
ऐसे है आज शहर के हाल
– शुक्रवार रात 1 बजे से शहर के चारों थाना इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है। रविवार को सुबह पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण है।
– डीसीपी नॉर्थ सत्येंद्र सिंह ने कहा है कि डेयरी और दूध सप्लायर से बात कर इस इलाके में दूध की सप्लाई की गई है।
– इसके साथ ही यहां रहने वाले बीमार लोगों को पुलिस की गाड़ी से ही अस्पताल ले जाया गया।
मोबाइल इंटरनेट बंद
– संभागीय आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के जरिए जयपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय क्षेत्र के समस्त थाना क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाओं तथा-2जी/3जी/4जी डाटा (मोबाइल इंटरनेट), इंटरनेट सर्विसेज, बल्क एसएमएस/एमएमएस, व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट्विटर एवं अन्य सोशल मीडिया सर्विसेज थ्रू इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (वाइस कॉल के अलावा) पर शनिवार (09 सितम्बर 2017) को प्रातःकाल 6 बजे से रविवार (10 सितम्बर 2017) की रात्रि 11.59 बजे तक अस्थाई प्रतिबंध लगाया है।
– संभागीय आयुक्त सिंह ने भारत सरकार के संचार मंत्रालय की अधिसूचना ‘टेम्परेरी सस्पेंशन ऑफ टेलीकॉम सर्विसेज (पब्लिक इमरजेंसी ऑर पब्लिक सेफ्टी) रूल्स-2017′ के तहत गृह विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा प्रदत्त की गई शक्तियों के अनुसरण में कानून व्यवस्था एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह आदेश जारी किए।
– संभागीय आयुक्त सिंह ने भारत सरकार के संचार मंत्रालय की अधिसूचना ‘टेम्परेरी सस्पेंशन ऑफ टेलीकॉम सर्विसेज (पब्लिक इमरजेंसी ऑर पब्लिक सेफ्टी) रूल्स-2017′ के तहत गृह विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा प्रदत्त की गई शक्तियों के अनुसरण में कानून व्यवस्था एवं लोक सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए यह आदेश जारी किए।





