महाकुंभ से लेकर काशी और बैद्यनाथ धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़
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आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के उपलक्ष में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शिवरात्री के मौके पर सुबह से करीब 41 लाख लोग गंगा में डूबकी लगा चुके हैं।
शिवरात्रि के मौके पर देशभर के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। लोग शिव की अराधना में डूब चुके हैं।
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि को अनंत, अगम, अगोचर, अविनाशी आदिदेव भगवान शिव, करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। यही वजह है कि हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि तो महापर्व के रूप में मनाया जाता है।
महाशिवरात्रि पर्व शिव के दिव्य अवतरण का मंगल सूचक पर्व है। भगवान शिव हमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, मत्सर आदि विकारों से मुक्त करके परम सुख शांति और ऐश्वर्य प्रदान करते हैं।
महाशिवरात्रि का व्रत परम मंगलमय और दिव्यतापूर्ण है। यह व्रत चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला माना गया है।
प्रयागराज में महाकुंभ के आखिरी दिन और महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। आज दो करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है।
आज सुबह से करीब 41.11 लाख लोगों ने गंगा स्नान किया है और महाकुंभ में अभी तक कुल 65 करोड़ लोगों ने गंगा में डूबकी लगाई है।
प्रयागराज महाकुंभ के अलावा काशी में भी महाशिवरात्रि के मौके पर कई तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। इस वजह से काशी में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
12 ज्योतिर्लिंग में से एक देवघर के बैद्यनाथ थाम में भी महाशिवरात्रि पर देश के कोने-कोने से भक्त पूजा करने पहुंचे हैं। मंदिर सुबह तीन बजे ही खोल दिया गया था। सरदार पंडा द्वारा कांचा जल का अर्पण किया गया। फिर 4 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए थे।
आज देश भर में महाशिवरात्रि की धूम है। शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के नारे गूंज रहे हैं।