अदालत का चला हथौड़ा, 1 ही दिन में 2 परिवारों को मिला न्याय

बिहार में बुधवार को अदालत ने एक ही दिन में हत्या के दो मामलों में अहम फैसले दिए. एक तरफ गया रोडरेज केस में रॉकी यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई गई, तो दूसरी तरफ बेगूसराय में एलजेपी के नेता अरविंद सिंह को राकेश यादव हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा मिली है. रॉकी यादव को सजा मिलने में 15 महीने का समय लगा, तो बेगूसराय में अरविंद सिंह को सजा दिलाने के लिए 11 साल का इंतजार करना पड़ा.
इन दोनों ही मामलों में राजनीतिक रसूख का तड़का था. रॉकी यादव जदयू से निष्कासित एमएलसी मनोरमा देवी का बेटा है. उसका पिता बिन्दी यादव भी दबंग छवि का नेता रहा है. अदालत ने बिन्दी यादव को पांच साल की सजा सुनाई है. अरविंद सिंह खुद एक दबंग छवि का नेता है. उसने 2 बार एलजेपी की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा है. दोनों ही मामलों में मासूमों की जान बेहद छोटी सी बातों पर ले ली गई.
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7 मई 2016 को 18 वर्षीय आदित्य सचदेवा को रॉकी यादव ने इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने बोधगया से लौटते समय उसकी गाड़ी को अपनी कार से साइड नहीं दिया. इससे गुस्साए रॉकी ने 12वीं के छात्र आदित्य को गोली मार दी. दूसरी तरफ अरविंद सिंह ने बेगूसराय में राकेश यादव को इसलिए एके-47 से भून दिया, क्योंकि हत्या से एक साल पहले आपसी रंजिश के दौरान उसने उसको एक थप्पड़ मार दिया था.
बेगूसराय कोर्ट ने इस मामले में लोजपा नेता अरविंद सिंह सहित 6 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसमें उसके भाई लोजपा के प्रदेश महासचिव बालमुकुन्द कुमार, बमबम सिंह, राजीव कुमार और दो अन्य राम पूजन सिंह और अश्विनी सिंह को आजीवन कारावास की सजा दी गयी है. इन पर 4 मई 2006 को किक्रेट खेलने के दौरान राकेश यादव उर्फ फंटुश यादव को एके 47 से गोली मार कर हत्या करने का आरोप है.





