Corona के बाद Hanta Virus का कहर, जाने भारत के लिए कितना हैं खतरनाक ?

दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस का जन्म चीन के वुहान शहर से हुआ था जो अब पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है कोरोना अभी तक भारत , अमेरिका, इटली समेत 197 देशों में फैल चुका है। इन देशों से कई संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस को लेकर वैक्सीन के लिए रिसर्च जारी है इसमें सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
एक ओर जहां कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन की खोज अभी नहीं हो पाई है वहीं दूसरी ओर एक नया वायरस चीन में आ गया है। जिसका नाम हंता वायरस है। इस वायरस से चीन में एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है, ऐसे में यह वायरस दुनिया भर के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

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हंता से संक्रमित लोगों में पाए गए ये लक्षण
दरअसल हंता वायरस के संक्रमण के लक्षण कोरोना वायरस से मिलते-जुलते हैं इस वायरस को लेकर अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज और प्रिवेशन का कहना है कि इस वायरस से संक्रमित होने वाले व्यक्ति में कोरोना वायरस जैसे लक्षण देखें जाते हैं। इस वायरस से संक्रमित लोगो को तेज बुखार होता है, सिर और शरीर में दर्द होता है, बुखार 101 डिग्री से ऊपर भी हो सकता है। हंता से संक्रमित व्यक्ति में उल्टी पेट में दर्द की समस्या भी होती है। संक्रमित व्यक्ति को डाइरिया की शिकायत हो सकती है। वहीं बाद के लक्षणों में फेफड़े में पानी जमा हो सकता है, और कोरोनावायरस की तरह ही हंता से संक्रमित होने पर व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
चुहों से फैलता है हंता वायरस
कोरोना वायरस की तरह ही हंता वायरस के लिए सवाल उठ रहे हैं कि यह वायरस कहां से और कैसे फैला। हंता वायरस रोडवेज जो चूहे की एक प्रजाति है उसके शरीर में होता है। इससे चूहे को तो बीमारी नहीं होती लेकिन उस चूहे के संपर्क में आने से इंसानबीमार हो सकता है और उसकी मौत तक हो सकती है। सीडीसी के मुताबिक यह वायरस किसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित नहीं करता, यह वायरस हवा या सांस के जरिए भी नहीं फैलता। हंता वायरस चूहे के संपर्क में आने से फैलता है यह चूहे के लार, मल या मूत्र के संपर्क में आने से और उन्हें हाथों से छुने के बाद आंख, नाक, मुंह छू लेने से इसका संक्रमण हो सकता है।

हंता का ये है इलाज
अगर कोई व्यक्ति हंता से संक्रमित हो जाता है तो इससे बचने का फिलहाल यही तरीका है कि चूहों से दूरी बनाकर रखा जाए, खासकर चूहे के लार, मल, मूत्र, थूक से बचाव करें। क्योंकि कोरोना की तरह ही इसका फिलहाल कोई प्रॉपर इलाज सामने नहीं आया है। एक प्रेस रिपोर्ट के अनुसार हंता से संक्रमण होने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में देखभाल जरूरी है। वहीं सांस संबंधी परेशानियों में आईसीयू में भर्ती करना और ऑक्सीजन थेरेपी देने से इस बीमारी से राहत मिलती है।
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की रिपोर्ट के मुताबिक यह वायरस अभी सिर्फ चीन में है और अर्जेंटीना में भी यह पाया गया है। चीन में तो एक व्यक्ति की इस वायरस से मौत भी हो गई है। चूहों से दूरी रखना इसका सबसे बरा इलाज है भारत की बात की जाए तो यहां इस वायरस के फैलने की संभावना कम है।

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