पीएनबी घोटाले को लेकर कांग्रेस-BJP के बीच छिड़ी जंग

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नई दिल्ली । पीएनबी घोटाले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो रखा है। कांग्रेस ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, ‘हमारे देश के जो चौकीदार हैं, वो पकौड़ा बनाने की सलाह दे रहे हैं। आज की परिस्थिति यह है कि चौकीदार सो रहा है और चोर भाग गया है।’इससे पहले शुक्रवार को घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के देश से भाग जाने को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम का घेराव किया था।

पीएनबी घोटाले को लेकर कांग्रेस-BJP के बीच छिड़ी जंग

 

कांग्रेस के निशाने पर पीएम

शुक्रवार को रणदीप सुरजेवाला ने पीएम के ‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम पर तंज करते हुए कहा था कि युवा पीढ़ी को परीक्षा का प्रधानमंत्री ने अच्छा पाठ पढ़ाया होता, अगर उनसे छोटे मोदी (नीरव मोदी) के लूट की भी चर्चा कर देते। उन्होंने यह भी कहा, ‘कोई हैरानी की बात नहीं है कि उड़ान मोदी सरकार का पसंदीदा शब्द है, जिसमें हर घोटालेबाज लूटकर भाग सकता है। कोई देखने वाला नहीं, कोई टोकने वाला नहीं।’ कांग्रेस दावा कर रही है कि इस घोटाले के बारे में पीएमओ सहित सरकार में हर किसकी को जानकारी थी। कांग्रेस का कहना है कि 7 मई, 2015 को वैभव नाम के एक व्यक्ति ने पीएमओ को इस घोटाले की जानकारी दी थी।

केंद्र का पलटवार

पीएनबी घोटाले को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार का घेराव कर रही है। हालांकि केंद्र ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उलटा कांग्रेस को निशाने पर लिया है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा, ‘2013 में एनएसई पर व्यवसाय करने से गीतांजलि जेम्स को 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया था। 13 सितंबर, 2013 को राहुल गांधी आभूषण समूह के प्रमोशनल कार्यक्रम में शामिल हुए थे।’ उन्होंने कहा, ‘फायर स्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड नीरव मोदी की एक कंपनी है। उन्होंने इसे 2002 में अद्वैत होल्डिंग्स से खरीद था, जिसकी शेयरधारक अनीता सिंघवी हैं।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी ताकत से धाखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।

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क्या है पीएनबी घोटाला?

पंजाब नेशनल बैंक में 11,500 करोड़ के घोटाला किया गया। इस फर्जीवाड़े का असर दो सरकारी बैंक और एक प्राइवेट बैंक पर पड़ेगा। इन बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक शामिल हैं। पीएनबी के अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े फर्मों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दिया। एलओयू एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को पैसा मुहैया करा देते हैं। 2011 से यह घोटाला चल रहा था। पीएनबी ने इस मामले में 280 करो़ड़ रुपए के घोटाले की पहली शिकायत 29 जनवरी को सीबीआइ से की थी। सीबीआइ ने 31 जनवरी को केस दर्ज किया था, लेकिन आरोपी इससे काफी पहले ही देश से निकल चुके थे। पीएनबी ने नीरव व अन्य के खिलाफ दूसरी शिकायत 14 फरवरी को सीबीआइ से की है। इसमें 11,400 की करोड़ रुपए की धोखाध़़डी का आरोप लगाया गया है।

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