CM योगी से गुपचुप मिलने पहुंचे शिवपाल, मीटिंग पर उठ रहे है न जाने क्या-क्या सवाल

शिवपाल यादव ने मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से गुपचुप मुलाकात की। यह मुलाकात इतनी सीक्रेट थी कि सीएम के शेड्यूल में भी इस मुलाकात को नहीं रखा गया। हालांकि शिवपाल और सीएम योगी की इस गुपचुप मुलाकात के अभी तक कयास ही लगाए जा रहे हैं। शाम तक शिवपाल यादव का स्टाफ भी इस मुलाकात को लेकर इनकार करता रहा। बता दें सीएम योगी से शिवपाल यादव की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले शिवपाल यादव 5 अप्रैल को सीएम योगी से मिले थे। दोनों की इस मुलाकात पर ये कयास लग रहे हैं…

रिवर फ्रंट मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है। कई मामलों में जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च किया गया है। इस मामले में आठ इंजीनियर्स के खिलाफ FIR भी दर्ज है। ऐसे में रिवर फ्रंट का मामला सीएम योगी ने सीबीआई जांच को सौंप दिया है। दरअसल, अखिलेश सरकार में यूपी के दो जरूरी विभाग सिंचाई और पीडब्लूडी शिवपाल यादव के पास ही थे इन्ही की निगरानी में रिवर फ्रंट और कई बड़ी सडकों का काम शुरू हुआ था। जिसकी अब सीबीआई जांच शुरू हो रही है। ऐसे में इस मुलाकात के जरिए शिवपाल यादव खुद को बचाना भी चाहते हैं।
वहीं, राष्ट्रपति चुनाव सामने है और मुलायम सिंह ने अभी तक विपक्ष की कैंडिडेट मीरा कुमार को सपोर्ट नहीं किया है। उन्होंने एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद की तारीफ़ की थी और शिवपाल यादव ने भी कहा था कि जिसे नेता जी सपोर्ट करेंगे उन्हें ही वह भी सपोर्ट करेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि शिवपाल यादव ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सूत्रों की माने तो शिवपाल यादव के टच में सपा के 26 विधायक हैं, जो उनकी मर्जी के हिसाब से राष्ट्रपति चुनाव में वोट कर सकते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो सरकार सपा सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र लाने वाली थी शिवपाल से मुलाकात के बाद वह गायब हो गया। इसके पीछे बड़ा कारण हो सकता है।
वहीं, बीते दिनों इटावा में थाने में शिवपाल यादव धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने थाने में लापरवाही की शिकायत की थी। माना जा रहा है कि वह इटावा की स्थानीय समस्याओं को लेकर भी सीएम योगी से मिले हैं और उन्हें स्थानीय समस्याओं से अवगत कराया है।





