घर की साफ-सफाई और उसे ठीक रखने की जिम्‍मेदारी आमतौर पर महिलाओं की ही मानी जाती है. खासतौर से भारत में महिला वर्किंग हो या होम मेकर, घर को व्‍यवस्‍थ‍ित रखने का दारोमदार महिलाओं के कंधों पर ही होता है. लेकिन हालिया शोध में यह खुलासा किया गया है कि घर की साफ-सफाई महिलाओं के फेफड़ों की सेहत पर भारी पड़ सकता है. जबकि पुरुषों पर इसका कोई असर नहीं होता.

नॉर्वे स्‍थ‍ित यूनिवर्सिटी ऑफ बर्जन की हालिया अध्‍ययन रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है. अध्‍ययन की रिपोर्ट के अनुसार घर की साफ-सफाई महिलाओं के फेफड़ों पर एक साथ 20 सिगरेट पीने जितना असर करता है. इससे उनमें सांस से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

अगर आप भी नहाते वक्त शरीर के इस अंग में लगाते है साबुन तो हो जाइये शतर्क नहीं तो….

वहीं, रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि घर की साफ-सफाई करने वाले पुरुषों के फेफड़ों पर महिलाओं की तुलना में कम असर होता है. यह अध्‍ययन 6235 महिलाओं और पुरुषों पर किया गया है.

शोधकर्ताओं के अनुसार सफाई के लिए उपयोग होने वाले उत्‍पादों में मौजूद केमिकल के कारण महिलाओं में सांस संबंधित बीमारियां मसलन, अस्‍थमा आदि की आशंका बढ़ जाती है. यहां तक कि विशेषज्ञों का दावा है कि सफाई के लिए ज्‍यादा केमिकल का इस्‍तेमाल करने वाली महिलाओं का एयरवेज हर दिन धीरे-धीरे क्षतिग्रस्‍त होता रहता है.