अब ठिकाने आए चीनी मीडिया के होश, अपनी सरकार से कहा-पड़ोसियों के हित जरूरी

बीजिंग: कुछ दिनों पहले तक डोकलाम विवाद के दौरान हर बार भारत को युद्ध की धमकी देकर दोनों तरफ माहौल तनावपूर्ण करने वालों में चीन की सरकारी मीडिया का बहुत बड़ा हाथ रहा। हालांकि, डोकलाम विवाद सुलझने के साथ ही चीन के सरकारी मीडिया का नजरिया बदलता दिख रहा है। यहां तक कि चीनी मीडिया ने अपनी ही सरकार को नसीहत दे दी है कि उसे अपने पड़ोसियों के हितों का ध्यान रखना चाहिए।

चीन के ग्लोबल टाइम्स में इस बाबत एक ओप-एड आर्टिकल प्रकाशित हुआ है। इसमें लिखा गया है कि ‘हमें अपने सिद्धांतों पर ध्यान देना चाहिए लेकिन पड़ोसियों के हितों का भी सम्मान करना चाहिए। इस लेख में कहा गया है कि पड़ोसियों के साथ विवाद को सुलझाना चीन के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसा करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव बढ़ाने की चीन की कोशिशों का कम से कम विरोध हो।

लेख में लिखा गया है कि चीन को अपनी संप्रुभता की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके साथ पड़ोसियों के साथ विवाद से भी बचना चाहिए। लेख के मुताबिक चीन को उस अंतरराष्ट्रीय दबाव को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए जो चीन की बढ़त में रुकावट डाल सकती है। हालांकि इस लेख में लगे हाथ भारत, जापान और वियतनाम जैसे पड़ोसी देशों पर भी निशाना साध लिया गया है।

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लेख में लिखा गया है कि हाल के सालों में चीन के पड़ोस में खड़े हुए विवादों की वजह से कुछ पड़ोसियों को लेकर चीनी जनता की राय बिगड़ी है। ऐसे पड़ोसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। लेख के मुताबिक जब चीन शांतिपूर्ण विकास के लिए काम कर रहा है तब कुछ पड़ोसी अपने समुद्री और सीमा विवाद सुलझाने के लिए आक्रामक कोशिशों में जुटे हैं।

गौरतलब है कि चीन का अपने पड़ोसी देशों के साथ कई तरह का विवाद है। जापान के साथ जहां ईस्ट चाइना सी में समुद्री विवाद है वहीं वियतनाम के साथ साउथ चाइना सी में मामला ठना हुआ है। इसी तरह भारत के साथ चीन की 3488 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भी विवाद है। हाल में ही चीन और भारत की सेनाएं डोकलाम में आमने-सामने हो गई थीं। भारत ने रणनीतिक रूप से अहम सिक्किम सेक्टर में चीन के सड़क बनाने का प्रयास का विरोध किया था। यह विवाद 73 दिनों तक चला और दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने रहीं।

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