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CM नीतीश के अॉफिसर्स को ज्यादा पसंद हैं ‘फ्लैट’, जानिए पूरी बात

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सभी मंत्री, अधिकारी समेत तमाम सरकारी कर्मचारी हर साल अपनी संपत्ति की घोषणा करते हैं। इस बार भी 2018 के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से भारतीय प्रशासनिक सेवा के बिहार कैडर के अधिकारियों ने अपनी संपत्ति की घोषणा कर दी है। CM नीतीश के अॉफिसर्स को ज्यादा पसंद हैं 'फ्लैट', जानिए पूरी बात

विभागीय वेबसाइट पर डाले गए ब्योरे के मुताबिक मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने 75 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है तो कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा 1999 मॉडल की मारुति से चलते हैं। लेकिन एक बात सामान्य है कि सबके पास फ्लैट है। यानि बिहार के साहेब को फ्लैट पसंद है।

मुख्य सचिव  ने फ्लैट के लिए लिया है होम लोन

मुख्य सचिव ने स्टेट बैंक से 75 लाख रुपये का कर्ज होम लोन के रूप में लिया है। मुख्य सचिव के साथ उनकी पत्नी पूर्णिमा शेखर पर भी इंडियन ओवरसिज बैंक का करीब तीन लाख रुपया और पीएफ से 3.96 लाख रुपये का कर्ज है। नकदी के रूप में उनके पास 72 हजार रुपये हैं, जबकि बैंक में 2.72 हजार रुपये जमा हैं।

पीपीएफ में 20 लाख और जीपीएफ में 39.68 लाख रुपये हैं। मुख्य सचिव के पास 50 हजार रुपये मूल्य का सोना है। उनके पास 15 लाख रुपये मूल्य के घरेलू सामान भी हैं। अंजनी कुमार सिंह के द्वारा दी गई जानकारी। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह के पास कोई निजी कार नहीं है। वे सरकारी गाड़ी से ही चलते हैं। लेकिन उनकी पत्नी पूर्णिमा शेखर सिंह के नाम से दिल्ली के द्वारका स्थित SFS सेक्टर-6 में 800 वर्ग मीटर का एक फ्लैट है, जिसकी कीमत लगभग पचास लाख रुपया है। 

कैबिनेट सचिव के पास है 1999 मॉडल की गाड़ी, फ्लैट लखनऊ में

कैबिनेट सेक्रेटरी । ब्रजेश मेहरोत्रा के पास एक लाख रुपये मूल्य का सोना है, 1999 मॉडल की एक मारुति 800 कार  हैं। मेहरोत्रा ने अपनी संपत्ति के ब्योरे में इस बात का उल्लेख किया है। उनके पास नकद के नाम पर मात्र 45 हजार रुपये हैं। मेहरोत्रा से ज्यादा नकद उनकी पत्नी ममता मेहरोत्रा के पास 50 हजार रुपये हैं। उनकी पत्नी के पास 1.75 लाख रुपये मूल्य के जेवरात आदि हैं। उनके जीपीएफ में 39 लाख रुपये जमा हैं।

मेहरोत्रा के बैंक खाते में करीब छह लाख रुपये जमा हैं। ममता के बैंक खाते में करीब 38 लाख रुपये जमा हैें।वहीं, कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा के पास भी बिहार के बाहर लखनऊ में दो फ्लैट हैं। लखनऊ के गोमती नगर स्थित पार्श्वनाथ प्लेनेट में एक फ्लैट है। जिसे उन्होंने खुद और पत्नी ममता मेहरोत्रा के नाम संयुक्त रूप से 27.50 लाख रुपये में खरीदा था।

 इसके साथ ही उनका दूसरा फ्लैट भी लखनऊ के गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित शालीमार वर्ल्ड वन में एक 1830 वर्ग मीटर का फ्लैट है। जिसे उन्होंने 72,75, 400 रुपये में अपने और बेटी श्रुति मेहरोत्रा के नाम संयुक्त रूप से खरीदी है। वहीं, फ्लैट अभी तक इनके कब्जे में नहीं आया है। इसके लिए उन्होंने अभी तक 58,75,426 रुपये का भुगतान किया है। 

प्रधान सचिव के पास भी है फ्लैट

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार के पास भी यूपी के गौतमबुद्ध नगर स्थित सेक्टर-50 में एक फ्लैट है। जिसे इन्होंने 15,14,890 रुपये में 2004 में खरीदा था। 

गृह सचिव के पास भी फ्लैट मौजूद

बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी के पास भी पटना में फ्लैट हैं। सुबहानी के पटना के कंकड़बाग इलाके स्थित पीसी कॉलोनी में 4000 वर्ग मीटर का एक घर है, जिसे उनके पिता ने बनवाया था। वहीं, बेली रोड स्थित जगत अमरावती अपार्टमेंट में 1425 वर्ग मीटर का एक फ्लैट है, जिसे उन्होंने 1998 में खरीदा था। 

वहीं, बच्चों के नाम पर पटना के बेली रोड स्थित खाजपुरा के नरगिस अपार्टमेंट में एक फ्लैट है। जिसे उन्होंने सैलरी की सेविंग और सिक्सथ पे कमीशन के एरियर से खरीदा है। 

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के पास भी है फ्लैट

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव रजनीश कुमार महाजन के पास भी चंडीगढ़ में फ्लैट है। उनके पास चंडीगढ़ के सेक्टर 50बी स्थित प्रोग्रेसिव कूप हाउस बिल्डिंग सोसाइटी में एक फ्लैट है, जिसे उन्होंने 2003 में 16 लाख में खरीदा था, जिसकी कीमत अब 50 लाख है। वहीं, उनकी पत्नी सुमन लता के पास मोहाली के फेज-7 स्थित सास नगर में एक फ्लैट है। जिसे महाजन के ससुर ने उनकी पत्नी को 1984 में ट्रांसफर किया था। 

साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव के पास प्लॉट

इसके साथ ही साइंस और टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह के पास भी पटना में बिहार सरकार द्वारा आवंटित हाउसिंग बोर्ड में एक प्लॉट है, जिसे उन्होंने 32.50 लाख में खरीदा था, उसकी वर्तमान कीमत 39,50 लाख है। वहीं, उनकी बेटी सोनल सिंह के नाम पर नोएडा के सेक्टर-77 स्थित गृह प्रवेश बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड में एक आवासीय फ्लैट है। जिसकी कीमत करीब 32 लाख रुपया है।

ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव के पास भी है फ्लैट

ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत के पास हरियाणा के गुड़गांव में 1500 वर्गमीटर का एक फ्लैट है, जिसे उन्होंने 16.79 लाख रुपये में खरीदा था। इसके साथ ही उनके और उनकी रत्ना अमृत के नाम नोएडा के सेक्टर-78 में एक संयुक्त रूप से फ्लैट है। रत्ना अमृत भी पटना के ए एन कॉलेज में प्रोफेसर हैं। 

इसके साथ ही रत्ना अमृत के नाम से दूसरा फ्लैट दिल्ली विकासपुरी स्थित कृषि अपार्टमेंट में 800 वर्गमीटर का है, जिसे आठ लाख रुपये में खरीदा था।

वहीं कुछ अॉफिसर एेसे भी हैं…

पैदल हैं सुधीर कुमार 

कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार के पास नकद के रूप में सिर्फ पांच हजार रुपये हैं, जबकि विभिन्न बैंकों में पांच लाख 82 हजार जमा है। उनकी पत्नी खुद बिहार सरकार की सेवा में हैं। इसलिए उन्होंने अलग से ब्योरा दिया है। सुधीर के पास कोई वाहन नहीं हैं। उनके पुत्र-पुत्री भी बिना वाहन के हैं। खेत भी नहीं है। 

शशि शेखर के परिवार में 24 बीघा जमीन

 बिहार लोक प्रशासन एवं ग्र्रामीण विकास संस्थान के महानिदेशक शशि शेखर शर्मा के पास नकद 8.50 हजार रुपये हैं। दो बैंक खातों में करीब नौ लाख रुपये जमा हैं। पत्नी से अलग रह रहे शशि शेखर ने एक वाहन का जिक्र किया है, जो पत्नी के कब्जे में है। पांच हजार वर्ग फीट में भागलपुर में पैतृक घर है, जिसे मां ने 1974 में 30 हजार रुपये में खरीदा था।

पटना के शेखपुरा में एक फ्लैट है जिसे उन्होंने 1993 में 5.25 लाख रुपये में खरीदा था। इनका परिवार संयुक्त है, जिसके पास पटना के रानीतालाब के पटूट गांव में 24 बीघा जमीन है। पुत्र को पढ़ाने के लिए इन्होंने दो बैंकों से 25 लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा है। 

संजीव की पत्नी के पास तीन फ्लैट 

बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष संजीव कुमार सिन्हा के पास डेढ़ लाख कैश और 8.30 लाख बैंकों में जमा हैं। इनकी पत्नी के पास भी 80 हजार नकद एवं 2.26 लाख बैंकों में जमा है। 30 ग्र्राम सोने के गहने भी हैं एवं कुल 18.82 लाख की अन्य संपत्तियां हैं।

आरा गार्डेन के पास 13 सौ वर्ग फीट का एक फ्लैट है, जबकि पत्नी के नाम से पटेल नगर में तीन फ्लैट है, जो परिवार से गिफ्ट में मिला है। संजीव ने ग्र्रेटर नोएडा में एक निर्माणाधीन फ्लैट के लिए 16 लाख रुपये भुगतान किया है। पत्नी की झारखंड में कुछ संपत्ति है, जिसके बारे में उन्हें ज्यादा नहीं पता है। 

सुभाष के पास मात्र ढाई हजार नकद 

विभागीय जांच आयुक्त सुभाष शर्मा के पास नकद के रूप में मात्र 25 सौ रुपये हैं। विभिन्न बैंकों में 7.50 लाख रुपये जमा हैं, जबकि पीपीएफ खाते में 4.80 लाख जमा है। पैतृक संपत्ति के रूप में इनके पासं 2.50 करोड़ रुपये की कृषि योग्य भूमि है। एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी है।

 
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