छठ पूजा स्पेशल: जानें कैसे चार दिनों तक की जाएगी पूजा-अर्चना

छठ पुजा का महापर्व आज से शुरू हो गया है। बिहार, यूपी सहित पूर्वी भारत में इस व्रत की बड़ी मान्यता है। मान्यता है छठ पूजा करने से सूर्यदेव सारे कष्टों का निवारण करते है। ये पर्व चार दिन तक चलता है। पर्व की शुरूआत में आज से नहाय-खाय से है। इसके बाद 25 अक्टूबर, बुधवार की शाम को अर्ध्य और 26 अक्टूबर यानी की गुरूवार को शाम का अर्ध्य और 27 अक्टूबर को सुबह के अर्ध्य के साथ छठ पूजा संपन्न होगी।
हिंदु धर्म में ये व्रत कठिन व्रतों में से एक है। छठ का पहला दिन यानी कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को नहाय खाय है। इस दिन सुबह सूरज उगने से पहले नहाकर घर की साफ-सफाई करते हैं और कुछ मीठा खाते हैं।
प्रथम दिन से व्रतधारी के घर में प्याज-लहसुन कुछ भी नहीं पकता है। दूसरे दिन को खरना कहा जाता है। इस दिन उपवास किया जाता है। व्रती पूरे दिन निर्जल व्रत रखता है। इसके बाद शाम को पूजा के बाद गुड़ की खीर का प्रसाद बांटा और खाया जाता है।
छठ पूजा के तीसरे दिन का बहूत महत्व है। इस दिन उपवास के बाद शाम को डूबते सूरज को अर्ध्य देते हैं। इसे सूर्य षष्ठी भी कहते हैं। चौथा दिन छठ का सबसे महत्वपूर्ण और आखिरी दिन है। इस दिन आधी रात से ही घाट पर व्रतधारी अपने परिवार और मित्रों समेत पहुंच जाते हैं। उगते सूरज को अर्ध्य दिया जाता है और पूजा के बाद प्रसाद बांटा जाता है। प्रसाद खाकर ही व्रत खोला जाता है।
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बता दें, छठ पर्व के पहले दिन मंगलवार है और इसी दिन गणेश चतुर्थी है। पहले दिन सूर्य का रवियोग है। ऐसा महायोग 34 वर्ष बाद बना है। ऐसे महायोग में सूर्यदेव से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होगी।





