छगन भुजबल ने कहा कि राकांपा प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की पवार की घोषणा से सभी को झटका लगा..

शरद पवार के एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को आगे की राह पर चर्चा की। एनीसीपी नेता छगन भुजबल ने कहा कि पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले राष्ट्रीय भूमिका के लिए आदर्श थीं।
एनसीपी नेताओं ने मुंबई के यशवंतराव चव्हाण केंद्र में अनौपचारिक रूप से चर्चा की। यहां पवार भी मौजूद थे लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए।
फैसला वापस लेने के लिए करेंगे राजी
चर्चा से पहले, भुजबल ने संवाददाताओं से कहा कि उनका विचार था कि सुप्रिया सुले राष्ट्रीय भूमिका के लिए आदर्श थीं क्योंकि उन्हें मुद्दों की अच्छी समझ है। एक सांसद के रूप में वह अच्छा काम कर रही हैं, इसलिए नया (एनसीपी) अध्यक्ष तय करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा, अजीत पवार को राज्य (महाराष्ट्र) की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। काम का विभाजन पहले से ही है। भुजबल ने बुधवार को कहा कि राकांपा प्रमुख के पद से इस्तीफा देने की पवार की घोषणा से सभी को झटका लगा है। हम उन्हें अपना फैसला वापस लेने के लिए राजी करेंगे।
राकांपा नेताओं की बैठक
राकांपा नेताओं की बैठक के बाद भुजबल ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी के बारे में फैसला करने के लिए शरद पवार द्वारा गठित समिति की कोई बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने कहा, चूंकि हम मुंबई में थे, इसलिए हम अनौपचारिक रूप से इस बात पर चर्चा करने के लिए मिले कि पवार साहब को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए कैसे राजी किया जाए। भुजबल ने कहा, ‘मैंने सुबह जो कुछ कहा (सुप्रिया सुले के संदर्भ में) वह मेरा निजी विचार है।’
शरद पवार के इस्तीफे से NCP नेताओं को झटका
बता दें कि 2 मई को शरद पवार ने राकांपा के प्रमुख पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उनके इस एलान के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने की गुहार की। राकांपा नेता जितेंद्र आव्हाड ने दावा किया कि शरद पवार राज्य में राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों के ‘भीष्म पितामह’ थे।





