CGBSE Board 10th, 12th Result: 10वीं में 68.20% और 12वीं में 78.43% हुए पास

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष परीक्षा परीणाम करीब सवा फीसद रहा। बारहवीं की परीक्षा में योगेन्द्र वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। स्कूल शिक्षा सचिव गौरव द्विवेदी ने परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि बारहवीं में योगेन्द्र वर्मा अव्वल रहे। योगेन्द्र महाराणा प्रताप हायर सेकंडरी स्कूल मुंगेली के छात्र हैं। उन्होंने 98 फीसद अंक हासिल किया। दसवीं में पुसौर, रायगढ़ की छात्रा निशा पटेल ने टॉप किया है। निशा ने 99.33 फीसद अंक हासिल किया। दसवीं का कुछ परिणाम दसवीं का कुल परिणाम 68.20 फीसद और बारहवीं का कुल परिणाम 78.43 फीसद रहा।
मेरिट लिस्ट में दुर्ग के तीन बच्चे
दुर्ग जिले में बारहवीं में इस बार तीन बच्चे मेरिट में आए हैं। दसवीं में दो बच्चे मेरिट सूची में हैं। ये दोनों निजी स्कूल के हैं। भिलाई 3 सरकारी स्कूल की मनीषा कुमारी 95.40 फीसदी 5वें, लक्की देवांगन 6वां, 95.20 फीसदी, बोरी स्कूल की नम्रता 94.80 फीसदी अंक लेकर 8वें स्थान में है। दसवीं में निजी स्कूल के दो बच्चे मेरिट में है। सरस्वती शिशु मंदिर कुम्हारी की मोनिका यादव 96.67 फीसदी दसवां व महावीर स्कूल की साक्षी मिश्रा 97.17 सातवें स्थान पर है। पिछले साल 12वी में सरकारी स्कूल के दो बच्चे मेरिट में थे। 10वी में इस साल भी सरकारी स्कूल से कोई नहीं है।
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CGBSE 12th, 10th Result 2019: ऐसे चेक करें
– CGBSE की आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in पर जाएं।
– होमपेज पर ‘CGBSE Class 10th Result 2019’ और CGBSE Class 12th Result 2019’ के लिंक पर क्लिक करें।
– लॉग-इन करने के लिए अपना रोल नंबर और अन्य डिटेल्स एंटर करें।
– कक्षा 10 और कक्षा 12 के लिए अपना छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए उसका प्रिंट आउट लें।
इस बार नियमों में बदलाव करके 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को भी पुनर्मूल्यांकन कराने का प्रावधान दे दिया गया है। वहीं राज्य ओपन स्कूल की परीक्षा में भी 15 दिन के बाद छायाप्रति प्रति कॉपी 500 रुपये में देने का निर्णय लिया गया है। दो साल पहले माशिमं ने नियमित परीक्षार्थियों की परीक्षाओं में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में 20 प्रतिशत से कम अंक और 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों के पुनर्मूल्यांकन पर रोक लगा दी थी। इस पर हाल ही में परीक्षाफल समिति की बैठक में सदस्यों ने आपत्ति की थी कि किस तरह इस साल 80 फीसद से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों का पुनर्मूल्यांकन में लगी बंदिश के कारण टापर बनने का सपना टूट रहा है।
विशेषज्ञों का कहना था कि यदि बोर्ड 21 से 80 के मध्य वाले विद्यार्थियों को पुनर्मूल्यांकन की सुविधा देकर यह मानता है कि उनमें त्रुटि संभावित है फिर मानवीय त्रुटि तो सभी उत्तरपुस्तिकाओं में हो सकती है। इससे 20 प्रतिशत से कम अंक और 80 फीसद से अधिक अंक पाने वाले परीक्षार्थियों को भी उत्तरपुस्तिका को पुनः जांच कराने का अधिकार एवं न्याय अवश्य मिलना चाहिए। आखिरकार माशिमं ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।





