10वीं के लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पेपर लीक मामले में CBSE ने बड़ा फैसला ले लिया है.  10वीं गणित का पेपर लीक होने के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित करने के फैसले को सरकार ने वापस ले लिया है. यानी 10वीं के छात्रों को अब दोबारा मैथ्स की परीक्षा नहीं देनी होगी. बात दें कि CBSE ने 28 मार्च को 10वीं और 12वीं के मैथ्स इकोनॉमिक्स पेपर को दोबारा कराने की घोषणा की थी. इसके बाद बोर्ड ने 31 मार्च को एक बार फिर यह सुनिश्चित किया कि 12वीं इकोनॉमिक्स का पेपर 25 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. उम्मीद की जा रही थी कि दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा के छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की तारीख को लेकर 15 दिनों के भीतर ही निर्णय ले लिया जाएगा. इसी बीच सूत्रों द्वारा यह खबर मिल रही है कि अब 10वीं गणित का री-एग्जाम कराने का फैसला कैंसल कर दिया गया है. मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने 31 मार्च को यह भी कहा था कि फिलहाल 10वीं मैथ्स के री-एग्जाम पर कोई फैसला नहीं लिया गया है.

उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए सीबीएसई को फटकार लगाई और कहा कि इस मामले में बोर्ड को जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए. परीक्षाएं दोबारा आयोजित होंगी या नहीं इस पर निर्णय लेने में देर नहीं होनी चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर बोर्ड दोबारा परीक्षा कराने की सोच रहा है तो जुलाई से पहले आयोजित करे, ताकि जुलाई का शेड्यूल इससे प्रभावित ना हो.

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तीन गिरफ्तार

इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. रविवार को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दो शिक्षकों और एक ट्यूशन टीचर को पुलिस कस्टडी में भेज दिया. इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कोर्ट से तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने की मांग की थी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. इस मामले में पुलिस ने दिल्ली के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले दो शिक्षकों ऋषभ और रोहित को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा पुलिस ने तौकीर को भी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है जो कोचिंग सेंटर में ट्यूटर है. पुलिस के मुताबिक ऋषभ और रोहित ने 12वीं का इकोनॉमिक्स का पेपर तौकीर को दिया था, जिसे तौकीर ने स्टूडेंट्स के बीच लीक कर दिया.