लड़के ने शादी के कार्ड की जगह बाटी ये चीज, तुरंत वायरल हो गया निमंत्रण देने का यूनिक स्टाइल

पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. लेकिन भरतपुर जिला परिषद कार्यालय में सांख्यिकी अधिकारी केसर देव ने इसे एक नई दिशा दी है. अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए उन्होंने परंपरागत निमंत्रण कार्ड के स्थान पर अर्जुन के पौधे वितरित किए यह पहल न केवल पर्यावरण प्रेम को दर्शाती है बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देती है.
सांख्यिकी अधिकारी केसर देव ने लोकल 18 को बताया कि अक्सर देखा जाता है शादियों में लाखों रुपये खर्च होते हैं और इनमें से कुछ खर्च केवल दिखावे के लिए किए जाते हैं. पारंपरिक शादी के निमंत्रण कार्ड भी इसी का हिस्सा होते हैं. जो छपने के बाद कुछ ही दिनों में बेकार हो जाते हैं. केसर देव ने इसी सोच को बदलने की ठानी और तय किया कि अपने मेहमानों को एक ऐसा उपहार देंगे जो न केवल यादगार होगा बल्कि लंबे समय तक पर्यावरण को लाभ भी पहुंचाएगा.
इन बीमारियों में लाभदायक
उन्होंने अर्जुन के पौधों का वितरण किया जिन पर एक स्टीकर लगाया गया है जिसमें शादी के कार्यक्रम की सारी जानकारी दर्ज है इससे दो फायदे हुए, पहला लोगों को औषधीय पौधों का महत्व समझाने का मौका मिला रहा है और दूसरा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है. अर्जुन का पौधा केवल छायादार वृक्ष ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी उपयोगी है. इसके पत्ते, छाल और फूल हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी बीमारियों में लाभदायक होते हैं. केसर देव ने इस पौधे के साथ इसकी खूबियों की जानकारी भी साझा की ताकि लोग इसे सिर्फ एक पौधे के रूप में न देखकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और इसका सही उपयोग करें केसर देव वन संवर्धन संरक्षण समूह से जुड़े हुए हैं. जो लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है. उनकी यह पहल न केवल एक उदाहरण बनी है बल्कि लोगों को भी प्रेरित करने का कार्य किया है.





