अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट का मामला: जिले में 18 पटाखा रिटेलर, 7 के पास लाइसेंस

  • संगरूर (जालंधर). तीन महीने में ही सुनाम के बाद सूलरघराट के पटाखा गोदाम में विस्फोट से जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया है। हैरत इस बात की है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी एक ऐसा गोदाम है जिसने अभी तक एनओसी नहीं ली है जबकि बिना एनओसी के दो गोदामों में विस्फोट हो चुका है। यही नहीं जिले में महज 7 रिटेलरों के लाइसेंस रिन्यू के सरकारी आंकड़े भी आम आदमी के हजम नहीं हो रहे हैं।
    अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट का मामला: जिले में 18 पटाखा रिटेलर, 7 के पास लाइसेंस
    उधर मृतक चारों नौजवानों की पहचान कर ली गई है। सूलरघराट में मंगलवार की रात पटाखा गोदाम में विस्फोट के बाद 5 व्यक्तियों की मौत 5 लोगों के जख्मी होने की घटना से क्षेत्र के लोगों में सहम है। ऐसे में बुधवार की सुबह पटाखा व्यापारी के गोदामों को खंगाल रहे पुलिस अधिकारियों को देखकर लोग इन गोदामों के विरोध में खड़े हो गए। सूलरघराट में मुख्य सड़क के किनारे साबुन और सर्फ की आड़ में चलाई जा रहे पटाखा फैक्ट्री का आसपास बसे लोगों ने विरोध जताया है।
    मौके पर पहुंचे हरविन्द्र सिंह, पाला राम, सुरजीत कौर ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनके इस फैक्ट्री के आसपास घर हैं। उन्होंने पहले भी कई बार इस फैक्ट्री के विरुद्ध आवाज उठाई है परंतु पैसों के दम पर उनकी आवाज को हमेशा दबा दिया गया। उन्होंने मांग की कि इन पटाखा गोदामों और फैक्ट्री को रिहायशी क्षेत्रों से हटाया जाए। अधिकारियों ने अपील की कि वह शिकायत पुलिस थाने में दें जिसके बाद कार्रवाई होगी।

    अब एसडीएम करेंगे पटाखों के लाइसेंस की जांच

    संगरूरकी घटना के बाद जिले के डीसी घनश्याम थोरी ने बैठक लेकर एसडीएम की पटाखों के स्टोर सेल डीसी घनश्याम थोरी ने बैठक लेकर एसडीएम की पटाखों के स्टोर सेल पर नजर रखने की ड्यूटी लगाई है। हर साल पटाखों को सेल करने के लिए स्टेडियम को निर्धारित किया जाता है। लेकिन कोई भी प्रशासन के इस आदेश को नहीं मानता।

    आवेदन के बाद होगी स्टोरों की जांच: फॉयर अफसर

    फॉयरअफसर गुरजीत सिंह ने कहा कि जो भी कोई आवेदन करेगा उसके बाद जांच की जाएंगे। अगर प्रबंध हुए तो लाइसेंस नहीं मिलेगा। अगर कही पर अवैध पटाखा स्टोर है तो उसकी जानकारी दी जाए।

    इसे भी देखें:- अभी-अभी: इस्तीफा देंगे सीएम योगी और केशव प्रसाद मौर्या…!

    डेढ़ साल पहले पटाखा स्टोर में लगी थी आग

    शहरके सदर बाजार में बंसी पूरी वाले के पास पिछले साल 19 फरवरी को पटाखे के स्टोर को आग लगी थी। उस वक्त जिला प्रशासन की तरफ से गोदाम सील कर दिया गया था। घनी आबादी के बीच बने पटाखा स्टोर से लाखों रुपए का नुकसान हुआ था। दुकान के मालिक पर पुलिस की पर्चा भी दर्ज किया गया था।

    पिछले साल चारपटाखा मालिकों ने लिए थे लाइसेंस

    8लाख की आबादी वाले जिले में करीब दो करोड़ के पटाखे की खपत हर साल होती है। लेकिन पिछली बार केवल चार लोगों ने पटाखों को स्टोर करने के लिए लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया। वही दीवाली में एक महीना रहने के बावजूद इस बार एक ने भी आवेदन नहीं किया। फॉयर अफसर गुरजीत सिंह ने बताया कि पिछले साल घडूआ रोड पर सतपाल की तरफ से, फरवाही रोड पर दीवान चन्द की तरफ से, फरवाही रोड पर तरसेम कुमार, सब्जी मंडी में ओम प्रकाश की तरफ से पटाखों का स्टोर बनाने के लिए आवेदन किया था।

    पिछले साल 10 ने लाइसेंस रिन्यू कराया

    असलहाविभाग के अनुसार जिले भर में 7 लोगों ने रिटेल पटाखा लाइसेंस रिन्यू करवाया है। पिछले साल 10 ने करवाया था। कम से कम 18 लोग अभी भी होलसेल पटाखे का व्यापार करते हैं। जबकि हर शहर में 10 से ज्यादा रिटेलर मौजूद हैं।

    जिले के तीनों पटाख गोदामों की NOC नहीं

    फायरब्रिगेड विभाग के अनुसार जिले में 3 पटाखा गोदाम हैं। इनके पास एनओसी नहीं है। धूरी के पास अभी भी अवैध गोदाम है। गोदाम मालिक को एनओसी जारी करवाने के निर्देश जारी किए हैं।

    चार गोदाम सील

    एडीसीअतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को जांच सौंपी गई है। इसमें उप मंडल मजिस्ट्रेट सुनाम और डीएसपी दिड़बा शामिल हैं। सूलरघराट में आरोपियों के चार गोदामों को सील किया है। जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए गए हैं। एपीएसविर्क, डीसी, संगरूर सूलरघराट पटाखागोदाम में धमाके में घायल हुए लोगों के पीड़ित परिवारों को मिलने के लिए सांसद भगवंत मान, हलका दिड़बा के आप विधायक हरपाल सिंह चीमां, कांग्रेस के नेता अजैब सिंह रटौल यहां सिविल अस्पताल पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए भगवंत मान ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस गोदाम का मालिक आधे पंजाब में पटाखों का मुख्य सप्लायर रहा है। यदि प्रशासन पहले ही इस पर कार्रवाई कर देता तो इस घटना को रोका जा सकता था। इससे पहले सुनाम में भी पटाखा गोदाम में धमाका हुआ था। बावजूद इसके प्रशासन ने गैर कानूनी काम बंद नहीं करवाया। उन्होंने मांग की कि हादसे में मारे गए नौजवानों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए, घायलों का मुफ्त इलाज करवाया जाए ऐसे गोदामों को तुरंत बंद किया जाए।
    ब्लास्ट के आरोपी गांधी राम ने गांव तूरबंजारा से 1982 में सूलरघराट में जनरल स्टोर की दुकान की थी। 1988 में परिवार समेत सूलरघराट में शिफ्ट हो गयाा। मौजूदा समय में गांधी पंजाब के मुख्य पटाखा कारोबारियों में जाना जाता है। गांधी के दो बेटे बदी में साबुन और सर्फ की फैक्ट्री देखते हैं। बेटा प्रदीप पटाखों का कारोबार देखता है।
Back to top button