BJP को हराने के लिए अरुण शौरी ने अपनाया ये फार्मूला

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के बाद अब बीजेपी पर एक बार फिर घर से वार हुआ है. अटल सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने गुरुवार को कहा कि अगर विपक्षी दलों को चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराना है तो उन्हें एकजुट होना होगा.
शौरी ने कहा कि विपक्ष को बीजेपी के खिलाफ सयुंक्त उम्मीदवार उतारना चाहिए, जिससे मुकाबला दो लोगों के बीच में रहे. उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि इस्लामी चरमपंथ में होता है, अगर कोई प्रवचन दे रहा है तो कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन जब वे हथियार उठाकर जमीन कब्जा लेते हुए हैं तो यह असल समस्या बन जाती है. आपको उन्हें सैन्य तरीके से हराना होगा. ’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री शौरी ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘इसलिए लोकतंत्र में भी, इस तरह के बलों की हार चुनावी सुधार के जरिए होनी चाहिए. विपक्ष तथा अन्य के नेताओं को एक संकल्प लेना चाहिए कि भाजपा के उम्मीदवार के खिलाफ केवल एक उम्मीदवार.’’
गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा भी जीएसटी, नोटबंदी, अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार को घेर चुके हैं. हाल ही में उन्होंने बयान दिया था कि जीएसटी के कारण देशवासियों को हुई मुश्किलों के लिए जेटली को पद से इस्तीफा देना चाहिए, साथ ही उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता को जेटली बोझ लगते हैं. आपको बता दें कि अरुण जेटली गुजरात से ही राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं.
आपको बता दें कि जेटली ने कुछ दिन पहले कहा था कि सिन्हा 80 साल की उम्र में काम की तलाश कर रहे हैं. इस पर सिन्हा ने कहा कि वह अब भी तंदुरुस्त हैं और उन लोगों की तरह नहीं हैं जो बैठकर भाषण देते हैं. उनका इशारा संसद में बजट भाषण के बीच में जेटली के बैठ जाने की तरफ था.





