भाजपा ने जिन्हें सौंपी उत्तराखंड की कुर्सी उनपर लगे हैं ये गंभीर आरोप

उत्तराखंड में भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुखिया की कुर्सी सौंपी, लेकिन क्या आप जानते हैं उन पर ये गंभीर आरोप लगे हैं।  उत्तराखंड में भाजपा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुखिया की कुर्सी सौंपी, लेकिन क्या आप जानते हैं उन पर ये गंभीर आरोप लगे हैं।

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भाजपा ने जिन्हें सौंपी उत्तराखंड की कुर्सी उनपर लगे हैं ये गंभीर आरोपहाई प्रोफाइल ढैंचा बीज घोटाले को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड हाईकोर्ट पर मुकदमा भी चल रहा है। सोमवार को हाइकोर्ट ने याचिकाकर्ता को तीन सप्ताह के भीतर प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई अब 12 जून को होगी। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिया। याचिकाकर्ता के मुताबिक वर्ष 2005-06 में उत्तराखंड में खरीफ की फसल को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा बीज वितरण की योजना बनाई गई थी।

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नौ फरवरी 2010 को तत्कालीन कृषि निदेशक ने योजना को कार्यान्वित करने के लिए निर्देश जारी किए थे। उसी दिन हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और चंपावत में 14,900 क्विंटल बीज को जरूरत जाहिर करते हुए निविदाएं आमंत्रित की गईं। कहा गया कि निविदाएं भी 60 प्रतिशत अधिक दरों पर करवाई गईं और आपूर्ति भी अधिक हुई। 25 फरवरी 2010 को बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए एक निजी संस्था निधि सीड्स को ठेका दे दिया। 2013 में इस मामले की जांच के लिए त्रिपाठी आयोग का गठन किया गया। 

याची के मुताबिक त्रिपाठी जांच आयोग की रिपोर्ट में भी आरोपों को सही ठहराया गया और भाजपा सरकार में तत्कालीन कृषि मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कृषि सचिव ओमप्रकाश और कृषि निदेशक मदन लाल को जिम्मेदार ठहराया गया। याची के मुताबिक इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

 

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