दिल्ली के राम निवास गोयल का बड़ा खुलासा: रामनवमी के दिन राजधानी में हवा में लहराई गई थीं नंगी तलवारें

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने विधानसभा सत्र के दौरान खुलासा किया कि रामनवमी के दिन उनके क्षेत्र में नंगी तलवारों से प्रदर्शन किया गया था। उन्‍हाेंने कहा कि इसका आपत्तिजनक वीडियो भी चलाया गया था। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल के आगे नंगी तलवारों से प्रदर्शन का वीडियो भी उपलब्ध है। इसके बावजूद दिल्‍ली पुलिस केस दर्ज नहीं कर रही है। इस मुद्दे पर विधानसभा स्पीकर ने सभी राजनीतिक दलों के विधायकों को निर्देश दिया है कि जिन-जिन नेताओं के इलाके में ऐसी घटना हुई है, वे लिखित में उन्हें दें। वो पूरी डिटेल पुलिस कमिश्नर को भेजेंगे, ताकि FIR दर्ज कर कार्रवाई की जा सके।दिल्ली के राम निवास गोयल का बड़ा खुलासा: रामनवमी के दिन राजधानी में हवा में लहराई गई थीं नंगी तलवारें

सदन से बाहर निकाले गए बागी विधायक कपिल मिश्रा

वहीं, दिल्ली विधानसभा में बृहस्पतिवार को कार्यवाही के दौरान आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा को सदन से बाहर निकाला गया। कपिल ने मांग की थी कि रामनवमी के दिन सांप्रदायिक उपद्रव भड़काने के प्रयास पर अल्पकालिक चर्चा को कार्यवाही से निकाला जाए। इस पर स्पीकर ने कपिल को मार्शल आउट किया। इसके विरोध में भाजपा विधायकों ने भी सदन से वाक आउट किया।

इससे पहले बुधवार को दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी थी। सत्ता पक्ष के विधायकों ने सदन चलने ही नहीं दिया था। दलितों के लिए ‘छोटी जाति के लोग’ शब्द का प्रयोग करने पर विपक्ष के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।उनकी मांग थी कि सिरसा को निलंबित और सदन से बाहर किया जाए। बाद में जब सिरसा ने खेद प्रकट किया, तभी सदन की कार्यवाही शुरू की जा सकी।

आए दिन की तरह बुधवार को भी कोरम पूरा न होने की वजह से सदन की कार्यवाही 15 मिनट देरी से शुरू हुई, लेकिन जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल सदन में आए, विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिडलान सहित सत्ता पक्ष के विधायक सिरसा को सदन से बाहर और निलंबित करने के नारे लगाने लगे। हालांकि गोयल ने उन्हें बार बार अपनी सीट पर जाने के लिए कहा, लेकिन वे शांत नहीं हुए तो सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही पौने तीन बजे के बजाए 15 मिनट देर से तीन बजे शुरू हुई। मगर विधायक फिर से वेल में आकर नारेबाजी करने लगे थे। इस पर विधानसभा अध्यक्ष को दोबारा 15 मिनट के लिए सदन स्थगित करना पड़ा था। सवा तीन बजे जब सदन दोबारा शुरू हुआ तो सिरसा ने अपने शब्दों के लिए खेद प्रकट किया और कहा कि, मेरी भावना किसी को आहत करने की नहीं थी। अगर किसी को बुरा लगा हो तो मैं उसके लिए माफी चाहता हूं। तब कहीं जाकर सदन की कार्यवाही शुरू हो सकी थी।

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