लद्दाख के लिए बड़ा दिन: मांगों को लेकर गृह मंत्रालय से वार्ता आज

लद्दाख के लोगों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मंगलवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण वार्ता होने जा रही है। लद्दाखी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस वार्ता की अध्यक्षता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय करेंगे। एलएबी और केडीए से तीन-तीन सदस्य इस बैठक में भाग लेने वाले हैं।

सूत्रों के अनुसार बैठक में राय के अलावा केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख मामलों के प्रभारी एमएचए के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान, लेह और कारगिल हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन ताशी ग्यालसन और डॉ. मोहम्मद जाफर अखून और लद्दाख के उपराज्यपाल के सलाहकार डॉ. पवन कोतवाल भी शामिल होंगे।

एलएबी और केडीए के सभी प्रतिनिधि दो दिन पूर्व ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं। गत दिवस दोनों ही संगठनों के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में बैठक की और वार्ता से पहले आपस में चर्चा की।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र उनके मुद्दों को समयबद्ध तरीके से हल करेगा। उन्होंने मंगलवार को होने वाली बैठक में चार-सूत्रीय एजेंडे के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया। दोनों संगठनों की बैठक लगभग दो घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि चार-सूत्रीय एजेंडा में राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची का दर्जा, एक समर्पित लोक सेवा आयोग (पीएससी) और लद्दाख के लिए दो संसदीय सीटें शामिल हैं। लेह एपेक्स बॉडी का प्रतिनिधित्व करने वालों में लद्दाख से दो बार सांसद रहे थुप्सतन छेवांग, पूर्व मंत्री चेरिंग दोरजे लाकरुक और कांग्रेस के यूटी प्रमुख नवांग रिगजिन जोरा शामिल हैं। वहीं, केडीए का प्रतिनिधित्व क़मर अली अखून, हाजी असगर अली करबलई और सज्जाद कारगिली करेंगे।

बैठक के बाद एलएबी और केडीए द्वारा जारी एक आधिकारिक संयुक्त बयान में कहा, वे छठी अनुसूची के तहत अधिक स्वायत्तता, सांस्कृतिक पहचान की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जनजातीय अधिकारों के संरक्षण की मांग करेंगे। वे लद्दाख के लिए लोक सेवा आयोग की स्थापना और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए गजेटेड अधिकारियों की भर्ती में तेजी लाने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें लद्दाख से संसदीय प्रतिनिधित्व को बढ़ाएंगी।

सूत्रों के अनुसार, लोक सेवा आयोग (पीएससी) के मुद्दे पर सहमति बनने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष इस मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहे हैं। युवा पीढ़ी को पीएससी के अभाव में हो रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस पर सहमति बनने की उम्मीद है।

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