कांग्रेस के राव पर दाव से रोमांचक हुआ भिवानी महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट का मुकाबला

भाजपा प्रत्याशी के मैदान में आने के बाद अब देर से ही सही लेकिन कांग्रेस ने दुरुस्त फैसला लिया है। भले ही राव दान सिंह महेंद्रगढ़ विधानसभा से कांग्रेस के विधायक हैं, मगर भिवानी जिले के गांव प्रह्लादगढ़ से होने के कारण उनको इसका लाभ भी मिल सकता है। राव दान सिंह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नजदीकी हैं।
ऐसे में उसका फायदा तो उनको मिलेगा लेकिन पूर्व सांसद श्रुति चौधरी का टिकट कट जाने का असर भी पड़ने का खतरा है। श्रुति और किरण चौधरी के समर्थकों का विश्वास हासिल करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि दान सिंह के नाम के कयास पहले से ही लगाए जा रहे थे क्योंकि श्रुति चौधरी की लगातार दो बार की हार का उनको नुकसान होना ही था।
राव के लिए मजबूत पक्ष यह है कि लोकसभा क्षेत्र में बड़ा वोट बैंक अहीरवाल क्षेत्र में भी उसकी अच्छी पैठ है। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा चुनाव की तस्वीर अब कुछ साफ होती नजर आ रही है, क्योंकि भाजपा से चौ. धर्मबीर सिंह और बसपा से कमांडर सुनील शर्मा को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद अब कांग्रेस ने भी अपना प्रत्याशी राव दान सिंह को बनाया है।
जबकि जजपा से राव बहादुर सिंह भी चुनावी मैदान में हैं। मुख्य दलों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब चुनावी माहौल भी गर्माने लगेगा और चुनाव की आहट के साथ अब बड़े नेताओं का चुनावी प्रचार भी जोर पकड़ने लगेगा। भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर भाजपा प्रत्याशी धर्मवीर लगातार दो चुनाव जीत चुके हैं। राव दान सिंह 2000, 2005, 2009, 2019 महेंद्रगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे हैं।





