Bday Spcl: ग्लेन मैक्ग्रा के खौफ से थर्राते थे बल्लेबाज, जानिए साथी खिलाड़ी क्यों कहते थे ‘कबूतर’

ऑस्ट्रेलिया के महानतम तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा के लिए आज का दिन बेहद खास है। कभी सधी लाइन-लैंथ पर अपनी आग उगलती गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मैक्ग्रा आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं। चलिए, अब 1970 में न्यू साउथ वेल्स में जन्में ग्लेन के अद्भुत रिकॉर्ड्स और उनके निकनेम के पीछे की दिलचस्प कहानी के बारे में बात करते हैं।
इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट+वन-डे+टी-20) में 949 विकेट चटकाने वाले ग्लेन मैक्ग्रा आज भी दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाज है। कोई भी मौजूदा क्रिकेटर दूर-दूर तक इस रिकॉर्ड के आस-पास भी नजर नहीं आता।
श्रीलंकाई मुरलीधरन (1347), हमवतन शेन वॉर्न (1001) और भारतीय अनिल कुंबले (956) के बाद मैक्ग्रा क्रिकेट इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज हैं। विश्व कप में सर्वाधिक 71 विकेट चटकाने के उनके रिकॉर्ड को तो आजतक कोई नहीं तोड़ पाया। वे 1999, 2003 और 2007 विश्वकप विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल थे।
मैक्ग्रा की गेंदबाजी का खौफ ऐसा कि सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, सनथ जयसूर्या, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी उनके सामने संभलकर सजग हो जाते। 1993 से 2007 के बीच अपने क्रिकेट करियर में मैक्ग्रा ने कई यादगार प्रदर्शन किए।
मैक्ग्रा के बर्थडे के खास मौके पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने ट्वीट करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी है।
साल 1997 में लंदन में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में 38 रन खर्च कर 8 विकेट। 2003 विश्व कप के दौरान नमीबिया के खिलाफ 15 रन खर्च कर 7 विकेट। साल 2004 में पर्थ टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रन देते हुए 8 विकेट कुछ ऐसे प्रदर्शन हैं, जिनके लिए ग्लेन मैक्ग्रा को सदियों तक याद रखा जाएगा।
वैसे तो हर क्रिकेट प्रेमी जानता है कि ग्लेन मैक्ग्रा का निकनेम ‘पीजन’ है। मगर कम ही लोग जानते हैं कि आखिर टीममेट उन्हें इस नाम से क्यों बुलाते थे। दरअसल, कबूतर को अंग्रेजी में पीजन कहा जाता है।
मैक्ग्रा क्रिकेट की दुनिया में आए तब वो काफी पतले थे, उनकी टांगें दिखने में काफी कमजोर नजर आती थी, उसी समय ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्राड मैकनमारा ने मजाक में मैक्ग्रा से कहा कि तू कबूतर की टांगे चुरा कर आया है। बस फिर क्या था तब से मैक्ग्रा का निकनेम ही पीजन पड़ गया।





