Basant Panchami 2019 : इन 5 उपायों से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती, पूरी होगी हर मनोकामना

माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह पावन पर्व 10 फरवरी को मनाया जाएगा। यह पावन तिथि ज्ञान की देवी मां सरस्वती की साधना-आराधना के लिए समर्पित है। विद्या-बुद्धि एवं परीक्षा में सफलता जैसी तमाम मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए आखिर किस विधि से की जाए मां सरस्वती की साधना-Basant Panchami 2019 : इन 5 उपायों से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती, पूरी होगी हर मनोकामना
1-
यदि आपकी पढ़ाई में अक्सर बाधाएं आती हों, तमाम कोशिशों के बावजूद आपका पढ़ाई में मन नहीं लग पाता हो तो आप बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की साधना पूरे विधि-विधान से अवश्य करें। इस पावन तिथि पर प्रात:काल स्नान-ध्यान के पश्चात पीले वस्त्र धारण करें और पीले आसन पर बैठकर मां सरस्वती का पूजन करें। मां सरस्वती की पूजा के लिए पीले रंग के ही पुष्प का प्रयोग करें और माता सरस्वती की यह वंदना पूरी श्रद्धा भाव से करें —

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं,
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्,
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥

2.
सभी प्रकार के ऐश्वर्य, ज्ञान, विद्या, बुद्धि की सिद्धि के लिए बसंत पंचमी को अत्यंत ही पावन तिथि माना या है। मान्यता है कि इसी तिथि के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। यदि परीक्षा-प्रतियोगिता आदि में सफलता को लेकर आपकी कोई मनोकामना है तो आप बसंत पंचमी के दिन स्नान-ध्यान के पश्चात माता माता सरस्वती के चरणों में 108 पीले पुष्प इस दिव्य मंत्र के साथ चढ़ाएं —

ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।।

3.
माघ शुक्ल की पंचमी को बसंत पंचमी के रूप में मनाई जाती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती के पूजन में पीले पुष्प आदि के साथ कुछ अन्य चीजें भी हैं, जिन्हें जरूर अर्पित करना चाहिए। सरस्वती पूजन में कलम और कॉपी जरूर शामिल करें। मान्यता है कि इस उपाय से बुध की स्थिति अनुकूल होती है। मां सरस्वती के आशीर्वाद से साधक की बुद्धि बढ़ती है और स्मरण शक्ति भी अच्छी होती है।

4.
मां सरस्वती की पूजा में केसर और पीले चंदन का विशेष रूप से प्रयोग किया जाता है। ज्योतिषशास्त्र में इसे गुरु से संबंधित वस्तु कहा गया है जिससे ज्ञान और धन दोनों के मामले में अनुकूलता की प्राप्ति होती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए चांदी की कटोरी में केसर को भिगोकर उसका टीका मां को लगाएं और प्रसाद स्वरूप खुद भी लगाएं। श्रद्धा भाव के साथ किया गया यह उपाय निश्चित रूप से आपको ज्ञान की देवी मां सरस्वती का आशीर्वाद दिलाएगा।

5-
ज्ञान की देवी मां सरस्वती से यदि आप विद्या एवं अच्छी स्मरण शक्ति का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो बसंत पंचमी के दिन उनकी पूजा के दौरान प्रसाद में बूंदी चढ़ाना न भूलें। मान्यता है कि माता सरस्वती को बूंदी का प्रसाद अत्यधिक प्रिय है। बसंत पंचमी का दिन विद्या आरंभ के लिए काफी शुभ माना गया है। इस दिन यदि किसी बच्चे की पढ़ाई की शुरुआत हो तो मां सरस्वती की उस पर पूरी कृपा बरसती है। मान्यता है कि इस दिन बच्चे की जीभ पर शहद से ”ॐ” की आकृति बनाने पर बच्च्चा आगे चलकर बुद्धिमान और मधुरभाषी होता है।

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