चालू वित्त वर्ष में 1.80 लाख करोड़ रुपये के डूबे कर्ज वसूल सकते हैं बैंक

सरकार को चालू वित्त वर्ष में बैंकों के 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक के डूबे कर्ज की वसूली की उम्मीद है। दरअसल, इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के तहत कार्रवाई चल रही है, इसके तहत कुछ बड़े खातों का निपटान किया जा रहा है और कुछ अन्य का निपटान किया जाना है। जिससे सरकार को लग रहा है कि बैंकों के डूबे कर्ज वसूल हो जाएंगे।चालू वित्त वर्ष में 1.80 लाख करोड़ रुपये के डूबे कर्ज वसूल सकते हैं बैंक

बता दें कि हाल ही में एस्सार स्टील और भूषण पावर ऐंड स्टील जैसे कुछ निपटान मामले सामने आए थे, इस पर एक सरकारी अधिकारी ने टिपण्णी करते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में आईबीसी और अन्य तरीकों से 1.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक का डूबा कर्ज वसूला जा सकेगा।

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने दिवाला प्रक्रिया के लिए जो 12 एनपीए के मामले भेजे हैं, बैंकों को उनसे ही 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की उम्मीद है। बैंकों ने 2018-19 की पहली तिमाही में 36,551 करोड़ रुपये की वसूली की है। 2017-18 में बैंकों ने कुल 74,562 करोड़ रुपये की वसूली की थी।

इन 12 मामलों की लिस्ट में दो बड़े मामले एस्सार स्टील और भूषण पावर ऐंड स्टील निपटान के अंतिम चरण में थे। वहीं बिनानी सीमेंट और जेपी इन्फ्राटेक के मामले भी प्रक्रिया में हैं। बैंकों को उम्मीद है कि एस्सार स्टील के 49,000 करोड़ रुपये के ऋण मामले में वे करीब 86 फीसद की वसूली कर पाएंगे।

आर्सेलरमित्तल ने एस्सार स्टील के लिए कुल 50,000 करोड़ रुपये की पेशकश की है। इसमें 8,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश भी शामिल है। शुरू में भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील ने 11,000 करोड़ रुपये, टाटा स्टील ने 17,000 करोड़ रुपये और लिबर्टी हाउस ने 18,500 करोड़ रुपये की बोली बोली लगाई थी। जेएसडब्ल्यू ने बाद में अपनी बोली को संशोधित कर 19,700 करोड़ रुपये कर दिया।

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