बांग्लादेश में अवामी लीग को नहीं मिलेगी चुनाव लड़ने की अनुमति

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के एक प्रमुख सलाहकार महफूज आलम ने कहा है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनावों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शनिवार को चांदपुर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए आलम ने कहा कि चुनाव केवल बांग्लादेश समर्थक समूहों के बीच ही लड़े जाएंगे।

अवामी लीग के पुनर्वास की अनुमति नहीं दी जाएगी

केवल पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लाम और अन्य बांग्लादेश समर्थक समूह ही देश में अपनी राजनीति जारी रख पाएंगे। इन्हीं में से कोई भी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से भविष्य का शासन स्थापित करेगा। लेकिन, इस देश में अवामी लीग के पुनर्वास की अनुमति नहीं दी जाएगी।

2025 के अंत में हो सकते हैं चुनाव

महफूज आलम ने कहा कि जब तक ”न्यूनतम सुधार” लागू नहीं किए जाते और ”फासीवादी हसीना सरकार” द्वारा कथित रूप से नष्ट किए गए संस्थानों का पुनर्गठन नहीं किया जाता, तब तक कोई चुनाव नहीं होगा। लेकिन, पिछले महीने यूनुस ने कहा था कि देश में अगला आम चुनाव 2025 के अंत या 2026 की पहली छमाही में हो सकता है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि चुनाव का समय काफी हद तक राजनीतिक आम सहमति और उससे पहले किए जाने वाले सुधारों की सीमा पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि यूनुस की अंतरिम सरकार में आलम एक प्रमुख सलाहकार तो हैं, लेकिन उनके पास कोई विभाग नहीं है।

पिछले साल गिर गई थी शेख हसीना की सरकार

पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक समारोह के दौरान यूनुस ने आलम को छात्र आंदोलन के मुखिया के रूप में पेश किया था। उन्होंने ही शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन के कारण ही उनकी सरकार गिरा दी गई थी और शेख हसीना को पिछले साल पांच अगस्त को अपना देश छोड़ भारत में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

उसके बाद से ही अवामी लीग राजनीतिक परि²श्य से बाहर हो गई है। इसके अधिकांश नेता और हसीना के कैबिनेट सदस्य या तो हत्या एवं अन्य आपराधिक आरोपों में जेल में बंद हैं या विदेश भाग रहे हैं।

हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हो चुके जारी

गौरतलब है कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने हसीना के 15 साल के शासन के दौरान कथित रूप से लोगों के गायब होने के लिए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं, जिसमें अभियोजकों ने उनके प्रशासन पर 500 से अधिक व्यक्तियों का अपहरण करने का आरोप लगाया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने कहा कि शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए न्याय का सामना करना चाहिए।

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