ATM में बिजली जाने या सर्वर डाउन हो जाने के कारण अगर लेनदेन नाकाम हो जाए तो खाते से पैसा कट जाता है तो करें शिकायत-देना पड़ेगा हर्जाना

डिजिटल लेनदेन के साथ बैंकों के खिलाफ शिकायतें भी बढ़ रही हैं। इसमें एटीएम से पैसा निकालते वक्त रकम फंस जाना बड़ी समस्या है। परेशान ग्राहकों का कहना है कि उन्हें महीनों अपनी गाढ़ी कमाई नहीं मिल पाती है और बैंक एक जगह से दूसरी जगह चक्कर लगवाते रहते हैं। हालांकि बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि अगर बैंक सात दिन में यह पैसा न लौटाएं तो उनसे रोज का सौ रुपये हर्जाना मांगा जा सकता है।

बढ़ रही शिकायतें :
ग्राहकों की परेशानी है कि अगर वे किसी बैंक से पैसे निकालते हैं तो बिजली जाने या सर्वर बैठ जाने के कारण अगर लेनदेन नाकाम हो जाए तो खाते से पैसा कट जाता है, लेकिन मिलता नहीं है। खासकर दूसरे बैंक से निकासी में यह समस्या ज्यादा होती है। माह में शिकायत न निपटे या संतुष्ट न हों तो बैंकिंग लोकपाल से साधें संपर्क

देश भर में बढ़ गईं शिकायतें
बैंकिंग लोकपाल ने ग्राहकों से मिली शिकायतों का पिछले हफ्ते ब्योरा जारी किया है। वित्त वर्ष 2017-18 में बैंकों के खिलाफ ग्राहकों से 1.63 लाख शिकायतें मिली हैं, जो पिछले साल से 25 फीसदी ज्यादा है। इनमें 15 फीसदी शिकायतें करीब एटीएम और डेबिट कार्ड से संबंधित रहीं। वहीं शहरी इलाकों से सबसे ज्यादा करीब 50 फीसदी शिकायतें दर्ज की गई हैं।

जानकारी न होने का फायदा उठाते हैं बैंक
आरबीआई के नियमों के अनुसार,शिकायत दर्ज होने के सात दिनों में ग्राहक को यह पैसा नहीं मिलता है तो बैंकों पर ग्राहकों के प्रति जवाबदेही बढ़ जाती है और वे देरी पर हर्जाना मांग सकते हैं। हालांकि ज्यादातर ग्राहकों बैंक बहाने बताकर टरकाते हैं और वे महीनों पैसा लेने का इंतजार करते रहते हैं। कई तो थकहार अपना दावा ही छोड़ देते हैं और बैंकिंग लोकपाल से शिकायत तक नहीं करते। ध्यान रखें कि पैसा फंसने के 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करानी होती है।





