विधानसभा सत्र शुरू होते ही ‘आप’ विधायकों ने किया हंगामा, विपक्ष भी नहीं रहा पीछे
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष के विधायकों ने दिल्ली में हो रही सीलिंग के विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। ‘आप’ विधायकों ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाते हुए कन्वर्जन शुल्क का हिसाब मांगा। हंगामा बंद नहीं होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
सदन में हंगामा
15 मिनट बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो ‘आप’ विधायकों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। सदन में स्पीकर ने कहा कि सीलिंग पर चर्चा सूचीबद्ध है फिर भी ‘आप’ विधायक हंगामा कर रहे हैं। इस बीच विपक्ष ने भी विधानसभा में सीलिंग का मुद्दा उठाया। विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ‘आप’ सरकार की वजह से सीलिंग हो रही है। सरकार 351 सड़कों को अधिसूचित करे। गुप्ता ने कहा कि ‘आप’ सरकार सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाने का ड्रामा कर रही है।
विपक्ष की रणनीति तैयार
बता दें कि शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले ही इसके हंगामेदार होने की आशंका जताई जा रही थी। सरकार जहां उपराज्यपाल और केंद्र सरकार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप वाले मुद्दों पर चर्चा करा सकती है, वहीं विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभा रही भाजपा ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पहले ही तैयार कर चुकी है।
उपराज्यपाल से ‘आप’ का टकराव
गौरतलब है कि कई मुद्दों पर सरकार और उपराज्यपाल के बीच ठनी हुई है। ‘आप’ सरकार की योजना हो या फिर पिछले विधानसभा सत्र में दिल्ली सरकार द्वारा पास किए गए गेस्ट टीचरों को नियमित किए जाने का प्रस्ताव, ‘आप’ सरकार ने हर मामले में अपनी मनमानी चलाने का प्रयास किया है। गेस्ट शिक्षकों के मामले में उपराज्यपाल निवास ने यहां तक कह दिया था कि सरकार जो प्रस्ताव ला रही है कि वह नियम कानून के अनुरूप ठीक नहीं है।
विधानसभा सदन में आ सकते हैं कुछ प्रस्ताव
दिल्ली विधानसभा सत्र में कुछ प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आ सकते हैं। हालांकि सरकार ने अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लौटाए गए कुछ प्रस्ताव दिल्ली सरकार स्वीकृति देकर फिर से केंद्र के पास भेज सकती है।
सरकार से जवाब मांगा जाएगा
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता पहले ही कह चुके हैं कि ‘आप’ सरकार जनता के मुद्दों पर न तो विधानसभा में और न ही बाहर कहीं चर्चा करती है। बेवजह मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा करना या आरोप लगाना ही इस सरकार का काम है। विधानसभा में सरकार की तरफ से जनता विरोधी मामलों का जोरदार ढंग से विरोध किया जाएगा। ठंड में सड़कों पर मर रहे बेघरों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
कपिल मिश्रा ने रखी है सुशील गुप्ता के मुद्दे पर चर्चा की मांग
पूर्व मंत्री व ‘आप’ विधायक कपिल मिश्रा ने विधानसभा सदन में ‘आप’ द्वारा राज्यसभा में भेजे गए सुशील गुप्ता पर चर्चा कराए जाने की मांग रखी है। उन्होंने इस बारे में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि सुशील गुप्ता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, इसलिए इस मामले पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।





