Article 370: जम्मू कश्मीर में निवेश बढ़ने की उम्मीद…

अनुच्छेद 370 आए फैसले के साथ निवेशकों की सभी शंकाएं दूर हो गई हैं। अब पूरी तरह साफ हो गया है कि यहां औद्योगिक क्षेत्र में दिल खोलकर निवेश किया जा सकता है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में स्वदेशी और विदेश से निवेश बढ़ने की उम्मीद है। सरकार से युद्धस्तर पर नई औद्योगिक संपदाओं को विकसित करने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने कहा कि अब सारी स्थितियां साफ हो गई हैं। नए जम्मू-कश्मीर में अब कारोबार को और बढ़ावा मिलेगा। हालांकि औद्योगिक क्षेत्र में अनुच्छेद 370 का कोई लेना-देना नहीं था। पहले भी बाहर से लीज पर ही उद्योग लगाए जा रऐ थे, लेकिन कहीं न कहीं निवेशकों के मन में यह शंका थी कि अगर अनुच्छेद 370 पर कोई अलग फैसला आ गया, तो उनके निवेश का क्या होगा।
अब ईज ऑफ डुइंग बिजनेस विकसित होगा। सरकार को अब सारी बाधाओं को प्राथमिकता पर दूर करना चाहिए। सरकार को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने का वादा भी पूरा करना चाहिए। उम्मीद है कि अगले साल लोगों को अपनी चुनी हुई सरकार मिल जाएगी।
पर्यटन और सेवा क्षेत्र को भी मिलेगा बढ़ावा
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान ललित महाजन ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला स्वागत योग्य है। इससे जम्मू-कश्मीर में उद्योग के साथ पर्यटन और सेवा क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार को औद्योगिक संपदाओं का विकास करना चाहिए, ताकि निवेशकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू डिवीजन के चेयरमैन टीएस रीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब निवेश को गति मिलेगी। कई बड़े उद्योग घराने जम्मू-कश्मीर का रुख करेंगे। नई औद्योगिक नीति में निवेशकों के लिए बेहतर प्रोत्साहन उपलब्ध है। जम्मू-कश्मीर में अब अनुच्छेद 370 और 35ए पर बात करने का कोई मतलब नहीं रह गया है।
बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल सूरी ने कहा कि सरकार को निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अब युद्धस्तर पर भूमि बैंक और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर काम करना चाहिए। हमारे यहां निवेशक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें देने के लिए हमारे पास उचित जमीन उपलब्ध नहीं है।
सरकार का दावा-25 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए करीब 1770 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी
अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में निवेश को बढ़ावा मिला है। औद्योगिक क्षेत्र में स्वदेश और विदेश से निवेश के नए द्वार खुले हैं। कई विदेश की कंपनियों से विभिन्न क्षेत्रों में करार हुए हैं। खासतौर पर कृषि, फार्मा जैसे क्षेत्रों में अधिक रुझान दिखा है। औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अब तक देश-विदेश से 80122 करोड़ रुपये के 5973 निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं।
करीब 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए करीब 1770 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है। दावा है कि 130 औद्योगिक इकाइयों को शुरू कर दिया गया है। इनमें जम्मू संभाग में 88 और कश्मीर में 42 इकाइयां हैं।





