Amitabh Bachchan के स्टारडम पर भारी पड़े थे Salim Khan

दिग्गज स्क्रीनराइटर सलीम खान (Salim Khan) 70 और 80 के दशक में सिनेमा पर राज करते थे। एक रोज उनकी लेखनी की दीवानगी इतनी बढ़ गई थी कि मेकर्स उन्हें फिल्मों में कास्ट करने के लिए उनकी सारी शर्तें मानने के लिए मंजूर हो जाते थे।

70 का दौर था, जब सलीम खान अपना करियर बनाने की जद्दोजहद कर ही रहे थे, उस वक्त स्क्रीनराइटर्स की हालत खस्ता थी। एक तरफ स्टार्स को लाखों फीस जाती थी, वहीं फिल्म के लेखकों को चंद रुपये मिलते थे।

सलीम खान ने रचा था इतिहास
जब सलीम खान ने यह देखा तो उन्होंने ठान लिया कि एक दिन ऐसा आएगा, जब वह हीरो से भी ज्यादा फीस लेंगे और ऐसा हुआ भी। मगर यह आसान नहीं था। शुरू में लोग उनकी डिमांड पर हंसे, लेकिन जब उन्होंने खुद को साबित किया तो आखिर में मेकर्स को भी उनके सामने झुंकना पड़ा।

अमिताभ बच्चन से ज्यादा ली थी फीस
80 के दशक में आई एक फिल्म के लिए सलीम खान ने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) से ज्यादा फीस ली थी। यह बात उस वक्त की है, जब अमिताभ की जंजीर (Zanjeer) आने वाली थी। उस वक्त सलीम-जावेद की जोड़ी ने इस फिल्म की कहानी लिखी थी। फिल्म का ट्रायल शो देखने के बाद यश चोपड़ा इंप्रेस हो गए और सलीम-जावेद से फिल्म लिखवाने की ठानी।

सलीम की डिमांड से हैरान रह गए थे मेकर्स
मगर जब यश के असिस्टेंट रमेश तलवार सलीम-जावेद के पास ऑफर लेकर पहुंचे तो उनकी डिमांड सुनकर वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि वह फीस के लिए 2 लाख रुपये लेंगे। उस वक्त उनकी डिमांड नहीं मानी गई।

मगर जब जंजीर सुपरहिट हुई तो यश चोपड़ा ने कहा कि उन्हें साइन कर लिया जाए। मगर तब तक सलीम-जावेद की डिमांड बढ़ गई। उन्होंने साफ-साफ कहा कि उनकी फीस अब 5-5 लाख हो गई है।

अमिताभ बच्चन पर भारी पड़ गए थे सलीम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यश चोपड़ा ने फिल्म दोस्ताना के लिए सलीम-जावेद को 12 लाख 50 हजार रुपये फीस ली थी। इतनी फीस तो फिल्म के लीड हीरो अमिताभ बच्चन की भी नहीं थी। उन्हें उस वक्त 12 लाख रुपये मिली थी। 80 के दशक में सलीम-जावेद हाइएस्ट पेड राइटर्स थे जिन्हें हीरो से ज्यादा फीस मिलती थी। सलीम और जावेद ने मिलकर साथ में शोले, जंजीर, दोस्ताना और दीवार जैसी सुपरहिट फिल्मों की कहानी लिखी।

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