Akshaya Tritiya 2019 : इन सरल उपायों से भी मिलता है सुख समृद्धि का आशीर्वाद


अक्षय तृतीया की पावन तिथि अबूझ मुहूर्त के रूप में जानी जाती है। इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है। यह सतयुग के आरंभ तिथि है।

सुख-समृद्धि और सौभाग्यदायिनी अक्षय तृतीया सिर्फ भगवान शिव एवं पार्वती की पूजा कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए ही नहीं है, बल्कि यह वाहन खरीदने, वर-कन्या के मेल-मिलाप, वरीक्षा या सगाई, विवाह, द्विरागमन, मकान खरीदने, नये व्यापार के शुभारंभ, गुरु मंत्र प्राप्त करने, नए अनुबंध, नई दुकान खोलने, गृह प्रवेश समेत किसी भी नवीन कार्य के लिए भी शुभ है। सनातन धर्म के अनुसार 16 संस्कारों में से अधिकाधिक संस्कार इस दिन किए जा सकते हैं।

अक्षय तृतीया के दिन प्रात:काल स्नान-ध्यान के पश्चात् भगवान शिव एवं पार्वती की मूर्ति की षोडषोपचार विधि से पूजा करके कोई भी आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। पूजा के पहले स्नान-ध्यान के पश्चात् शुद्ध आसन पर बैठें। इसके बाद भगवान शिव-पार्वती का भक्ति-भाव से ‘ॐ पार्वती पतये नम:’ अथवा ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र पढ़ते हुए पंचामृत से स्नान करवाएं। तत्पश्चात् वस्त्र चंदन यज्ञोपवीत गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, नारियल एवं ऋतुफल चढ़ाकर ‘ॐ पां पार्वती देव्यै नम:’ मंत्र से 11 बार स्तवन करें। यदि इसके अलावा आपको देवी का कोई मंत्र आता है, तो आप उसका भी साथ में पाठ कर सकते हैं।





