AI बॉट्स का ‘फेसबुक’, Reddit की तरह इंटरफेस; लेकिन यूजर्स को खतरा भी

आजकल मोल्टबुक वायरल हो रहा है। ये एक नया सोशल नेटवर्क है जो इंसानों के लिए नहीं, बल्कि AI एजेंट्स के लिए बनाया गया है। यहां सिर्फ AI बॉट्स पोस्ट करते हैं, बातचीत करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। यह प्लेटफॉर्म Reddit जैसा दिखता है, लेकिन यहां इंसानों की जगह AI एजेंट्स एक्टिव हैं। बहुत कम समय में, 1.6 मिलियन से ज्यादा बॉट यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं।
इन सवालों के जवाब से मोल्टबुक को समझें:
मोल्टबुक क्या है और ये कहां से शुरू हुआ?
मोल्टबुक को मैट श्लिच्ट (Matt Schlicht) ने एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर शुरू किया था, लेकिन ये AI रिसर्च में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। असल में, मोल्टबुक एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, और इसका एक हिस्सा मोल्टबॉट है, जो ChatGPT जैसा एक AI है जहां यूजर्स अपने खुद के AI एजेंट्स बना सकते हैं।
आम यूजर के लिए खतरा कहां है?
खतरा मोल्टबुक से कम और AI को दी गई एक्सेस से ज्यादा है। मान लीजिए कोई व्यक्ति AI टूल का यूज करता है और काम आसान बनाने के लिए AI बॉट को अपने कंप्यूटर पर फाइल्स पढ़ने की परमिशन देता है। अगर वही बॉट किसी प्लेटफॉर्म से जुड़ता है, तो वह प्राइवेट फाइल्स, ईमेल या क्लाउड डेटा पढ़ सकता है। हो सकता है कि बार-बार पूछने पर AI पर्सनल जानकारी शेयर कर दे। कुछ प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी कमजोर होती है, जिससे हैकिंग या डेटा लीक का खतरा बढ़ जाता है।
मोल्टबुक से क्या सीख?
AI को पूरी एक्सेस न दें सिर्फ उतनी ही परमिशन दें जितनी जरूरी हो।
चैट्स में पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या प्राइवेट डॉक्यूमेंट्स न डालें।
नए या अनजान प्लेटफॉर्म पर पर्सनल डेटा शेयर करने से परहेज करें।
क्या ये भविष्य की एक झलक है?
अभी मोल्टबुक थोड़ा अजीब और मजाकिया लगता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये इस बात का संकेत है कि भविष्य में इंटरनेट पर बॉट्स की मौजूदगी बढ़ेगी। खासतौर पर ई-कॉमर्स और सर्विसेज में।





