शादी के ढाई साल बाद पति ने भेजा ऐसा खत, पढ़कर पत्नी और फैमिली रह गई हैरान

  • जाेधपुर. देश के सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने भले ही तीन तलाक पर पाबंदी का फैसला सुनाया हो, लेकिन तीन तलाक देने का सिलसिला अभी भी बदस्तूर जारी है। ऐसा ही वाक्या पोकरण की एक महिला के साथ हुआ। महिला को तीन तलाक भरा खत पति ने स्पीड पोस्ट से भेजा। उर्दू भाषा में तीन तलाक लिखे खत में साफ तौर पर तीन तलाक का फरमान जारी किया हुआ था। 
    शादी के ढाई साल बाद पति ने भेजा ऐसा खत, पढ़कर पत्नी और फैमिली रह गई हैरान

    कहा – तुम शक्ल सूरत से सही नहीं हो…

    – तीन तलाक से प्रताड़ित लड़की अौर पिता ने दैनिक भास्कर के सामने अपनी आपबीती सुनाई। मांगोलाई ग्रामवासी छोटूखां ने बताया कि मेरी बेटी कलसुम को उसके पति मोहम्मद अरशद हाल निवासी काली मगरी ने तीन तलाक का फरमान जारी कर दिया।
    – उन्होंने बताया कि मेरी पुत्री कलसुम का करीब ढाई साल पहले ही निकाह हुआ था। शादी के कुछ महीने तक तो सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा, लेकिन उसके बाद दामाद ने मेरी बेटी को कहा कि तुम शक्ल सूरत से सही नहीं हो, इसलिए मुझे पसंद नहीं हो। धीरे-धीरे वह बेटी के साथ मारपीट करने लगा।
    इसको लेकर मैंने कई बार सामाजिक स्तर पर आपसी समझाइश का प्रयास किया, लेकिन बेटी के ससुरालवालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और आए दिन मेरी बेटी के साथ मारपीट कर उसे तीन तलाक की धमकियां देने लगा।

    – उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को मेरे दामाद द्वारा यूपी में जहां वह पढाई कर रहा है, वहां से मेरे नाम मेरी बेटी को उर्दू भाषा में लिखा तीन तलाक का खत भेजा, जो मुझे स्पीड पोस्ट के जरिए लंवा डाकघर से ईद के त्यौहार से एक दिन पहले 1 सितम्बर को मिला। पति के तीन तलाक देने के बाद कलसुम का बुरा हाल है।

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    उर्दू भाषा समझ नहीं आने पर किसी और से पढ़वाया खत

    उर्दू भाषा में तीन तलाक लिखा खत कलसुम के परिवारजन को मिला। अनपढ़ परिजनों को उर्दू भाषा समझ नहीं आने पर किसी और से खत पढ़ाने पर बात पक्की हुई कि खत में तीन बार तलाक लिखा है। इस बात को सुनकर महिला और परिवारजन हैरान रह गए। पीडि़ता ने सरकार और प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई कि पति के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर की मांग की है।

    समाज से नहीं मिला सहयोग

    छोटू खां को मिले बेटी के नाम तीन तलाक के खत के बाद पिछले 10 दिनों तक वह अपने लेवल पर और बेटी के ससुराल पक्ष से इस मामले में मान-मनुहार करते रहे। साथ ही अपने दामाद को भी मनाने की कोशिश की, लेकिन सभी जगहों से निराशा हाथ लगने पर थक- हारकर छोटू खां ने दैनिक भास्कर के जरिए अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने की गुहार की है।
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