बूंदाबांदी के बाद प्रदेश में बढ़ी ठंड, शीतलहर का प्रभाव दिखना हुआ शुरू

करनाल व आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से फिलहाल मौसम साफ है। वहीं, अब नई शीतलहर का प्रभाव दिखना शुरू होगा, जो 19 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवा राजस्थान की ओर दस्तक देगी। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों के अनुसार कम हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण अब शीतलहर हरियाणा, पंजाब के अंदरूनी इलाकों की तरफ बढ़ेगी।

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि नई शीतलहर कई वर्ष में आई अब तक की सबसे सशक्त कोल्ड वेव हो सकती है। इसके चलते कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। कुछ जगह न्यूनतम तापमान रिकार्ड स्तर पर भी पहुंच सकता है।

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान स्थित कृषि विज्ञान केंद्र की जिला कृषि मौसम सेवा के डा. योगेश कुमार ने बताया कि अब जबरदस्त सर्दी या शीत लहर का दौर शुरू हो चुका है। शीतलहर का प्रभाव भी दिखना आरंभ होगा, जो 19 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ 23 जनवरी के आसपास आने की संभावना है, जिससे मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है।

किसान और पशुपालक भी रहें अलर्ट

-खुश्क मौसम व शीत लहर के चलते किसान गेहूं की फसल में निराई गुडाई करें। हल्की सिंचाई करें।

-शाम को जिस ओर से हवा आ रही है उसी ओर फसल में घास-फूस जला कर धुआं करें। इससे खेत का तापमान बढ़ जाएगा और भूमि का तापमान हिमांक बिंदु तक नहीं पहुंचने से पाले का हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता।

-सब्जियों व फलदार पौधों को शीत लहर से बचाने के लिये आवश्यकतानुसार सिंचाई, निराई-गुड़ाई करें

-कीट रोगों की रोकथाम के लिए स्प्रे करे।

-पशुपालक नवजात बछड़ों को ठंड से बचाने के लिए पुआल या घास के बिस्तर का प्रबंध करें।

-पशुओं के उनके बैठने के स्थान को सूखा रखें और नियमित रूप से बदलें।

-सुबह व देर रात के समय पशुशाला में उचित तापमान बनाए रखें।

-रात के तापमान में गिरावट का दौर देखते हुए पशुपालक अपने पशुओं को बाड़े के अंदर रखें।

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