आरोपी शाइस्‍ता परवीन 15 और 16 अप्रैल को प्रयागराज में ही थी…

उमेश पाल हत्‍याकांड में फरार चल रही आरोपी शाइस्‍ता परवीन 15 और 16 अप्रैल को प्रयागराज में ही थी। वह अपने पति अतीक अहमद और देवर अशरफ अहमद के जनाजे में शामिल होना चाहती थी। उसके साथ फरार चल रहा पांच लाख का इनामी साबिर भी था। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि शाइस्‍ता प्रयागराज के खुल्‍दाबाद पहुंची थी। वह वहां एक करीबी जफरउल्‍लाह के घर पर ठहरी थी। 

मिली जानकारी के अनुसार जफरउल्‍लाह, अतीक का गुर्गा है। अपहरण कर कारोबारी के साथ देवरिया जेल में मारपीट के मामले में जफरउल्‍लाह लखनऊ जेल में बंद है। शाइस्ता परवीन चोरी छिपे प्रयागराज पहुंची थी। शाइस्‍ता पर सरकार ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। प्रयागराज से लेकर यूपी और कई अन्‍य राज्‍यों में पुलिस शाइस्‍ता की तलाश में जुटी है। इस बीच शाइस्‍ता के बारे में इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद पुलिस नए सिरे से उसकी तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि अतीक के जनाजे में शामिल होने की उसकी कोशिश कब्रिस्‍तान और उसके आसपास सख्‍त पहरे की वजह से कामयाब नहीं हो सकी। 

शाइस्‍ता खुल्‍दाबाद में जफरउल्‍लाह के घर ठहरी थी। उसके साथ साबिर भी था लेकिन पुलिस को जब तब इसकी भनक लगती, दोनों वहां से निकल गए थे। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की पूछताछ में जफरउल्‍लाह के बेटे ने इसका खुलासा किया है। जफरउल्‍लाह का बेटा अतीक के बेटे असद का दोस्‍त था। असद को पुलिस ने झांसी में एक एनकाउंटर में मार गिराया था। जफरउल्‍लाह का बेटा उसके साथ लखनऊ में रहता था। पुलिस को उसने बताया कि शाइस्‍ता 15 अप्रैल को उसके घर पहुंची थी। दोनों हुलिया बदलकर कसारी-मसारी कब्रिस्‍तार भी जाने वाले थे लेकिन वहां भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते उन्‍होंने अपना प्‍लान बदल दिया। रात भर वहीं रुकने के बाद दोनों भोर में कहीं चले गए। बताया जा रहा है कि साबिर चार दिन पहले भी दो मई को जफरउल्‍लाह के खुल्‍दाबाद स्थित घर पर पहंचा था। उसे शाइस्ता ने किसी काम से भेजा था। इसकी भनक लगने पर धूमनगंज पुलिस ने छापा भी मारा लेकिन अंधेरे में साबिर भाग निकला। 

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