स्टूडेंट इलेक्शन में ABVP का 5, NSUI और निर्दलीयों का 2-2 यूनिवर्सिटीज पर कब्जा

जयपुर. चुनाव के सात दिन बाद जारी हुए छात्रसंघ चुनाव के रिजल्ट में प्रदेश के 5 विश्वविद्यालयों में एबीवीपी ने जीत दर्ज कराई। लेकिन राजस्थान यूनिवर्सिटी में उसे बागी पवन यादव से मात खानी पड़ी। यहां एबीवीपी लगातार चौथी बार हारी। एनएसयूआई व निर्दलीय 2-2 विश्वविद्यालयों में जीते। बीकानेर के महाराजा गंगासिंह व स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विवि में एबीवीपी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कराई। यहां के वेटेरनरी विवि में चुनाव नहीं हुए। इन चुनावों में इस बार इतिहास भी रचा गया।

राजस्थान विवि में पवन यादव की अब तक की सबसे बड़ी जीत…
जयपुर में पवन यादव को 5359 वोट मिले। ये एबीवीपी के संजय माचाड़ी और एनएसयूआई के दीपक मीणा के कुल वोटों से भी 42 ज्यादा रहे। पवन 2656 मतों से जीते। जोधपुर के जयनारायण व्यास विवि से पहली बार कोई छात्रा अध्यक्ष बनी। यहां एनएसयूआई की कांता ग्वाला ने भी कुल प्रत्याशियों के वोटों से भी ज्यादा वोट हासिल किए।
ये भी पढ़ें:- मौत का Live Video: घुटनों के बल सामने बैठा, चीथड़े उड़ाते हुई निकली ट्रेन
जयपुर :जयपुर के राजस्थान विवि में निर्दलीय पवन ने 5359 वोट लिए। एबीवीपी के संजय माचेड़ी को 2656 वोटों से हराया। एनएसयूआई के दीपक मीणा को 2552 वोट मिले। जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विवि में एबीवीपी के अनुराग शर्मा जीते।
जोधपुर :जेएनवीयू में एनएसयूआई की कांता ग्वाला जीतीं। उन्होंने 4911 वोट पाए और 2458 वोटों से एबीवीपी के राजेंद्र को हराया।
बीकानेर : महाराजा गंगासिंह विवि से एबीवीपी के जयवीर सिंह ने एसएफआई और एनएसयूआई समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार प्रफुल्ल हटीला को 51 मतों से हराया। जयवीर सिंह को 255 और हटीला को 204 वोट मिले। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विवि में सीआर पद्धति से निर्विरोध निर्वाचन में एबीवीपी के अशोक मीणा निर्विरोध अध्यक्ष बने।
उदयपुर : सुखाड़िया विवि में एबीवीपी के भवानी को 3278 और रौनक को 3111 वोट मिले। महाराणा प्रताप कृषि-प्रौद्योगिकी विवि में एनएसयूआई के मणिराम चौधरी ने एबीवीपी की पूजा को 396 वोटों से हराया। उदयपुर में सोमवार को चुनाव और इसी दिन परिणाम।
कोटा :विवि में एबीवीपी के पिंकेश मीणा ने अभिषेक मालव को 114 वोट से हराया। पिंकेश ने 383 व अभिषेक ने 269 मत हासिल किए।
अजमेर :एमडीएस में निर्दलीय मनीष पूनिया ने एबीवीपी के चैनाराम को 213 वोट से हराया।





