दिवाली-धनतेरस से पहले लगा बड़ा झटका, सोना और चांदी की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी

मजबूत वैश्विक रुख के बीच त्योहारी मांग के चलते स्थानीय आभूषण कारोबारियों की लगातार लिवाली से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें न 130 रुपये बढ़कर 32,780 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया. हालांकि, औद्योगिक इकाइयों के कम उठाव से चांदी 90 रुपये गिरकर 39,110 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही. सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि धनतेरस और दीपावली से पहले स्थानीय आभूषण कारोबारियों की निरंतर लिवाली और वैश्विक बाजार से सकारात्मक रुख के चलते सोने के भाव में तेजी रही. दिवाली-धनतेरस से पहले लगा बड़ा झटका, सोना और चांदी की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.82 प्रतिशत बढ़कर 1,225.10 डॉलर प्रति औंस रहा जबकि चांदी 1.16 प्रतिशत बढ़कर 14.48 डॉलर प्रति औंस रही. दिल्ली सर्राफा बाजार में, 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना क्रमश: 130-130 रुपये बढ़कर 32,780 रुपये और 32,630 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया. पिछले दो दिन में सोना 100 रुपये बढ़ा. हालांकि, आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,900 रुपये प्रति इकाई के पूर्व स्तर पर रही.

वहीं, दूसरी ओर चांदी हाजिर 90 रुपये गिरकर 39,110 रुपये प्रति किलोग्राम और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी 222 रुपये गिरकर 38,128 रुपये प्रति किलोग्राम रही. हालांकि, चांदी सिक्का लिवाल एवं बिकवाल 76,000 और 77,000 रुपये प्रति सैकड़ा के पूर्व स्तर पर रहा.

देश में सोने की मांग जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 183.2 टन हो गई. विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने गुरुवार को अपनी रपट में यह जानकारी दी. सोने की बढ़ती कीमतों और बाजार में नकदी/तरलता की कमी से इस बार धनतेरस और दिवाली पर सोने की मांग सामान्य रह सकती है. डब्ल्यूजीसी की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) की ‘स्वर्ण मांग रुख’ रपट के अनुसार मूल्य के आधार पर देश में इस दौरान सोने की मांग 14 प्रतिशत बढ़ी. यह 50,090 करोड़ रुपये रही जबकि 2017 की इसी तिमाही में यह आंकड़ा 43,800 करोड़ रुपये था.

हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से सोने के स्थानीय भाव प्रभावित हुए और इनमें तेजी देखी गई. जल्द ही इसका भाव बिना किसी कर के 32,000 रुपये से 33,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, इसलिए तिमाही में बाद के दौरान इसकी मांग घट गई. साल की आखिरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) आम तौर पर सोने की मांग के लिए अच्छी रहती है. त्यौहारों और शादियों के चलते इस दौरान सोने की मांग और खरीद बढ़ती है. सालभर में सोने की मांग कम रहने का अनुमान है. यह 700 से 800 टन के दायरे में रह सकती है.

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