मैरिज रजिस्ट्रेशन न होने पर देना होगा जुर्माना, करवाया तो होंगे ये फायदे

योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित अनिवार्य विवाह पंजीकरण नियमावली को मंजूरी दे दी। अब मुस्लिम समेत सभी वर्गों के लिए विवाह पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। जो ऐसा नहीं कराएगा, उसे सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने विवाह पंजीकरण को अनिवार्य करने का निर्देश दिया था।
मैरिज रजिस्ट्रेशन न होने पर देना होगा जुर्माना, करवाया तो होंगे ये फायदे
इसके बाद ज्यादातर राज्यों ने इसे अनिवार्य कर दिया लेकिन उत्तर प्रदेश व नगालैंड में यह नियमावली अटकी हुई थी। 2015 में जब अखिलेश यादव की सरकार थी तब मुस्लिमों के विरोध के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है।

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उन्होंने सभी के लिए विवाह पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। महिला कल्याण विभाग की नियमावली को मंगलवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। विवाह पंजीकरण पहले की तरह स्टांप पंजीकरण विभाग ही करेगा।

विवाह के एक वर्ष के अंदर पंजीकरण कराने पर मात्र 10 रुपये की फीस लगेगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए टेक्निकल सपोर्ट का जिम्मा एनआईसी को सौंपा गया है।

मुस्लिम महिलाओं को फोटो में नहीं मिलेगी छूट

मुस्लिम समुदाय की ओर से यह दलील दी जा रही थी कि उनके यहां निकाह में महिलाओं की तस्वीर नहीं लगती है। इस पर सरकार ने कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं के आधार कार्ड व वोटर आई कार्ड में तस्वीरें होती हैं। इसलिए फोटो सभी को लगानी होंगी। इसमें किसी भी प्रकार की छूट किसी को नहीं दी गई है।

विलंब से पंजीकरण कराया तो देना होगा जुर्माना
विलंब से विवाह पंजीकरण कराने वालों को जुर्माना भी देना पड़ेगा। एक साल विलंब होने पर 50 रुपये व दो साल विलंब होने पर 100 रुपये का जुर्माना लगेगा। यानी हर साल 50 रुपये के हिसाब से यह बढ़ता चला जाएगा।

आधार से आवेदन करने पर मेल पर आ जाएगा सर्टिफिकेट

यदि विवाह पंजीकरण के लिए आधार नंबर से आवेदन भरा जाएगा तो सर्टिफिकेट के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं जाना पड़ेगा। विवाह पंजीकरण का सर्टिफिकेट आपके ई-मेल पर आ जाएगा।

साफ्टवेयर इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि आधार नंबर डालते ही आपके पास एक ओटीपी आ जाए। उसी से आवेदन करना होगा। साथ ही जरूरी प्रमाण पत्र अपलोड करने पड़ेंगे। इसके बाद सर्टिफिकेट ई-मेल पर आ जाएगा।

यह हैं विवाह पंजीकरण के फायदे
-इससे बाल विवाह पर लगाम लग सकेगी

-एक पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरे विवाह पर रोक लगेगी

-पति की मृत्यु के बाद पत्नी को उसका अधिकार व क्लेम आसानी से जल्द मिल सकेंगे

-पति द्वारा पत्नी का नहीं किया जा सकेगा उत्पीड़न

-विवाह दोनों पक्षों की सहमति से हो सकेगा।

 
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