क्या धरती अब पहले से ज्यादा कांप रही है? जानें क्यों आता है भूकंप

इंडोनेशिया, कोलंबिया और मेक्सिको में सात से ज्यादा तीव्रता के भूकंप, जून में वेनेजुएला में कुछ सेकंड के अंतर पर आए दो बड़े झटके और दुनिया भर में लगातार आती खबरें, ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है क्या धरती अब पहले से ज्यादा कांप रही है? एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि 2026 में बड़े भूकंपों की रफ्तार थोड़ी तेज जरूर है, लेकिन यह अभी भी ये वर्तमान समय में सामान्य दायरे में है।
इस साल कहां सबसे ज्यादा तबाही हुई?
2026 का सबसे शक्तिशाली भूकंप फिलीपींस के मिडानाओ के पास 78 तीव्रता का रहा
वेनेजुएला में 7.2 व 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही
जुलाई में मेक्सिको और अगस्त में कोलंबिया व इंडोनेशिया में भी 7.4 या उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप आए
क्या बड़ा भूकंप मतलब ज्यादा तबाही?
जरूरी नहीं। किसी भूकंप से कितना नुकसान होगा, यह उसकी गहराई, आबादी से दूरी, जमीन की स्थिति और इमारतों की मजबूती पर भी निर्भर करता है। इसी वजह से सबसे जानलेवा भूकंप हमेशा सबसे शक्तिशाली नहीं रहे।
आंकड़े क्या कहते हैं?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक दुनिया में हर साल करीब 20 हजार भूकंप दर्ज होते हैं, यानी रोजाना लगभग 55। इनमें ज्यादातर इतने कमजोर होते हैं कि लोग उन्हें महसूस भी नहीं करते।
के बीच हर हर साल औसतन 133 2016-25 भूकंप ऐसे रहे जिनकी तीव्रता छह या उस से ज्यादा थी
2024 में इनकी संख्या सबसे कम 99 रही, जबकि 2021 में 157 दर्ज हुए
17 अगस्त तक 91 भूकंप 6 या उससे 2026 ज्यादा तीव्रता के आ चुके हैं, जिनमें 11 की तीव्रता 7 से ऊपर रही।
90% दुनिया के भूकंप पैसिफिक रिंग आफ फायर में आते हैं। जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया इसी क्षेत्र का हिस्सा हैं। दूसरा बड़ा क्षेत्र अल्पाइड बेल्ट है, जो जावा से हिमालय, तुर्किये और भूमध्यसागर तक फैला है।
तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप का आकार मोमेंट मैग्नीट्यूड स्केल से मापा जाता है। प्रति अंक बढ़ने पर जमीन का कंपन करीब 10 गुना व निकलने वाली ऊर्जा लगभग 32 गुना बढ़ जाती है। अभी भी भूकंप की सटीक तारीख या जगह की भविष्यवाणी नहीं हो सकती। जोखिम वाले इलाकों का अनुमान लगाकर भवन निर्माण के नियम व चेतावनी प्रणाली तैयार की जाती है।
भूकंप आता क्यों है?
धरती की बाहरी परत कई टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी है। ये प्लेटें लगातार धीरे-धीरे खिसकती रहती हैं। किनारों पर तनाव बढ़ने के बाद चट्टान टूटती या खिसकती है और भूकंप आता है।





