वॉशिंगटन सुंदर का पहला टेस्ट खेलना मुश्किल

श्रीलंका के विरुद्ध 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले भारतीय टीम की तैयारियों को खिलाड़ियों की फिटनेस ने चिंता में डाल दिया है। टीम के कई अहम खिलाड़ी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, जिसके कारण पहले टेस्ट के लिए टीम संयोजन प्रभावित हो सकता है।
बीसीसीआई और टीम प्रबंधन खिलाड़ियों की रिकवरी पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पूरी तरह फिट खिलाड़ियों को ही मैदान में उतारने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
सुंदर की रिकवरी पर नजर
दैनिक जागरण के पास मौजूद फिटनेस रिपोर्ट के अनुसार, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर गाल में होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। वह अभी चोट से उबर रहे हैं और मेडिकल टीम उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखे हुए है।
हालांकि, कोलंबो में होने वाले दूसरे टेस्ट तक उनकी वापसी की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन अंतिम फैसला उनकी फिटनेस रिपोर्ट और मेडिकल क्लियरेंस के बाद ही लिया जाएगा। अगर वह निर्धारित समय तक पूरी तरह फिट हो जाते हैं तो दूसरे मुकाबले के लिए चयनकर्ताओं के सामने उनका नाम विचाराधीन रहेगा।
बुमराह पर सभी की नजरें
सबसे अधिक निगाहें तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर टिकी हुई हैं। भारतीय तेज आक्रमण की अगुआई करने वाले बुमराह फिलहाल आराम पर हैं और 30 जुलाई तक किसी प्रतिस्पर्धी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे। इसके बाद वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में रिपोर्ट करेंगे, जहां उनकी विस्तृत फिटनेस जांच होगी।
मेडिकल विशेषज्ञों की मंजूरी मिलने के बाद ही यह तय होगा कि वह श्रीलंका दौरे के लिए पूरी तरह उपलब्ध होंगे या नहीं। ऐसे में पहले टेस्ट में उनकी भागीदारी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
बुमराह को देना होगा फिटनेस टेस्ट
सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी फिटनेस टेस्ट देना होगा। वह चोट लगने के कारण लार्ड्स में इंग्लैंड के विरुद्ध तीसरे और अंतिम वनडे में नहीं खेल पाए थे। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन भी पूरी तरह फिट नहीं हैं, लेकिन उनकी रिकवरी उत्साहजनक बताई जा रही है।
मेडिकल टीम का मानना है कि वह तेजी से चोट से उबर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी उपलब्धता भी अंतिम फिटनेस टेस्ट और चिकित्सकीय स्वीकृति पर निर्भर करेगी। अगर वह सभी मानकों पर खरे उतरते हैं तो टेस्ट टीम में उनकी वापसी का रास्ता खुल सकता है।
हर्षित और नीतीश नहीं रहेंगे उपलब्ध
तेज गेंदबाज हर्षित राणा इस दौरे के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। उनकी अनुपस्थिति से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के विकल्प सीमित हो सकते हैं और टीम प्रबंधन को अन्य गेंदबाजों पर भरोसा करना पड़ सकता है। दूसरी ओर ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी भी फिलहाल चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। उनकी गैरमौजूदगी से भारत को सीम गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर का एक महत्वपूर्ण विकल्प नहीं मिल पाएगा।
यह दोनों खिलाड़ी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं और अभी फिट होने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। कुल मिलाकर श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम के सामने फिटनेस सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। अगर बुमराह, सुदर्शन और वॉशिंगटन समय रहते पूरी तरह फिट हो जाते हैं तो भारत को अपनी मजबूत टीम उतारने में आसानी होगी।
टीम की घोषणा
श्रीलंका के विरुद्ध दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम की घोषणा मंगलवार को की जाएगी और अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति के लिए सबसे बड़ी चुनौती फिट टीम का चयन करना है।
सारांश को मिल सकता मौका
चयन समिति के सूत्र ने कहा कि स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और कुलदीप यादव के अलावा चौथे विकल्प की तलाश करनी होगी। अगर वे हर्ष दुबे का चयन करते हैं तो तीन गेंदबाज एक जैसे कौशल के हो जाएंगे। ऐसी परिस्थितियों में ऑफ स्पिनर सारांश जैन को मौका मिल सकता है, जो निचले मध्य क्रम में एक उपयोगी बल्लेबाज भी हैं।
सारांश ने हाल में श्रीलंका ए के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दो मैचों में छह विकेट लिए और एक मैच में नाबाद 70 रन बनाए। मुख्य कोच गौतम गंभीर बल्लेबाजी क्रम को मजबूत रखने की रणनीति को प्राथमिकता देते रहे हैं और ऐसे में सारांश अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
इन पर होगी तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी
बुमराह के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज, गुरनूर बराड़ और प्रसिद्ध कृष्णा संभालेंगे। एक अन्य तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी भी स्ट्रेस फ्रैक्चर से उबर रहे हैं।
सूत्र ने कहा कि आकाश निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन लगभग 12-15 गेंदें फेंक रहे हैं। उन्हें पूरी तरह फिट होने में अभी कुछ समय लगेगा। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच 15 अगस्त से गाल में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा।
हार्दिक हुए फिट
बीसीसीआई सूत्रों ने बताया कि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पूरी तरह से फिट हो गए हैं और अगस्त से भारत की तरफ से सीमित ओवरों के मैच खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे।





