अब रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर को पूरा करेगा यूपीसीडा, 6000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित

कानपुर: लंबे समय से अटके पड़े रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर प्रोजेक्ट को अब यूपीसीडा पूरा करेगा। जमीन के आदान-प्रदान में आई बाधा के कारण यह 6000 करोड़ से अधिक के निवेश वाली परियोजना रुकी हुई थी, जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद अब यूपीसीडा को सौंप दिया गया है।
कानपुर शहर के चमड़ा उद्योग के लिए महत्वपूर्ण रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर परियोजना एक बार फिर गति पकड़ने लगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले को यूपीसीडा को भेज दिया है, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। क्लस्टर में करीब 6000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। यहां 175 टेनरियों के साथ जूते, सैडलरी और अन्य चमड़ा उत्पादों की इकाइयां स्थापित किए जाने की योजना है।
करीब 13 साल पहले शुरू हुई इस परियोजना के लिए स्पेशल परपस व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया गया था। 235 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले क्लस्टर में 55 एकड़ जमीन पर टेनरियां लगाने का प्रस्ताव था। इसके अलावा करीब 30 फीसदी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित की जानी थी। यहां 20 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट भी प्रस्तावित था। परियोजना से सालाना 13 से 15 हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया था।
जमीनों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू की थी
451 करोड़ रुपये की इस योजना में केंद्र सरकार से 125 करोड़ रुपये की सहायता मिलनी थी। केंद्र सरकार की ओर से चार साल पहले मेगा लेदर क्लस्टर के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है। क्लस्टर की स्थापना के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई थी। केंद्र की मंजूरी के बाद एसपीवी के प्रमोटरों ने जमीनों की अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू की थी।
सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया था
लेकिन करीब 27 एकड़ जमीन का मामला पूरा नहीं हो सका। इसके चलते परियोजना लंबे समय से अटकी हुई थी। चर्म निर्यात परिषद के क्षेत्रीय अध्यक्ष यादवेंद्र सचान ने बताया कि 28 जून को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान रमईपुर मेगा लेदर क्लस्टर का मुद्दा उठाया गया था। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया था।
दो लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
अब मुख्यमंत्री कार्यालय से मामला यूपीसीडा को भेजे जाने के बाद अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि क्लस्टर के शुरू होने से कानपुर के चमड़ा उद्योग को नई दिशा मिलेगी। करीब छह हजार करोड़ रुपये का निवेश आने के साथ ही 50 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग डेढ़ लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे शहर के चमड़ा कारोबार को मजबूती और स्थायित्व मिलेगा।
सीएम कार्यालय की ओर से परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। अब फुटवियर पार्क के साथ-साथ मेगा लेदर क्लस्टर की जिम्मेदारी यूपीसीडा को सौंप दी गई है। इसके लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। -दीक्षा जैन, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा





