श्रावण मास से पहले ओंकारेश्वर में बड़ा बदलाव, दर्शन और ट्रैफिक के लिए नया प्लान तैयार

श्रावण मास में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन और यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। सामान्य, शीघ्र दर्शन और प्रोटोकॉल श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग मार्ग, नई पार्किंग और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू होगी।
श्रावण मास में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था और यातायात प्रणाली में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत सामान्य श्रद्धालु, शीघ्र दर्शन टिकटधारी व प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकासी मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पूरे नगर में वन-वे ट्रैफिक, नई पार्किंग व्यवस्था तथा पैदल आवागमन की सुव्यवस्थित योजना भी लागू की जाएगी।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई नई व्यवस्था अगले दो-तीन दिनों में लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुखदेव मुनि मार्ग का चौड़ीकरण लगभग पूरा हो चुका है और इसके शुरू होते ही सामान्य श्रद्धालुओं का प्रवेश इसी मार्ग से कराया जाएगा।
दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित रहेगी
नई व्यवस्था के अनुसार सामान्य श्रद्धालु सुखदेव मुनि द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। यहां से वे निर्धारित कतारों के माध्यम से गर्भगृह के समीप पहुंचकर लगभग दस फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी चांदी गेट से होगी और वे झूला पुल के रास्ते मंदिर परिसर से बाहर आएंगे। इससे दर्शन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित रहेगी और भीड़ का दबाव कम होगा।
वहीं, प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था बनाई गई है। वर्तमान एग्जिट द्वार को अब प्रोटोकॉल प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसी मार्ग से वीआईपी तथा शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे और दर्शन के बाद लकड़ी गेट से बाहर निकलेंगे। प्रशासन का मानना है कि अलग-अलग कतारों से सामान्य श्रद्धालुओं की लाइन प्रभावित नहीं होगी और सभी वर्गों को अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जा सकेंगे।
पुराने बस स्टैंड की ओर से बाहर निकलेंगे
सावन माह के दौरान पूरे ओंकारेश्वर नगर में वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। बाहरी श्रद्धालुओं के वाहनों का प्रवेश पुराने बस स्टैंड तथा दंडी आश्रम की ओर से प्रतिबंधित रहेगा। सभी श्रद्धालुओं को अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। प्रशासन ने पैदल श्रद्धालुओं की सुविधा को भी ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था बनाई है। श्रद्धालु निर्वाणी अखाड़ा स्थित जूता-चप्पल स्टैंड पर अपने जूते-चप्पल रखकर पुराने पुल के माध्यम से मंदिर पहुंचेंगे। दर्शन के बाद वे झूला पुल से बाहर निकलेंगे तथा स्काई ब्रिज के जरिए पुनः निर्वाणी अखाड़ा पहुंचकर अपने जूते-चप्पल प्राप्त करेंगे और पुराने बस स्टैंड की ओर से बाहर निकलेंगे।
आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगेगी
प्रोटोकॉल एवं शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर को भी ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थानांतरित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को टिकट प्राप्त करने में सुविधा होगी और मंदिर परिसर के आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगेगी। दंडी आश्रम की ओर से आने वाले वाहनों को सीधे कुबेर पार्किंग में पार्क कराया जाएगा तथा वहां से नए नहर मार्ग के माध्यम से अस्पताल तिराहे की ओर निकासी होगी। इसके अतिरिक्त ट्रेंचिंग ग्राउंड तथा ताम्रकार पार्किंग को भी सावन के दौरान अतिरिक्त पार्किंग स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुबेर भंडारी से ब्रह्मपुरी तक विशेष मार्ग तैयार किया जा रहा है। केवल स्थानीय निवासी एवं अधिकृत वीआईपी वाहन, जिनके पास वैध पहचान पत्र और वाहन पास होगा, उन्हें ही नगर के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
अन्य सभी श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सावन माह में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और सहज दर्शन उपलब्ध कराना है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो आगामी सिंहस्थ-2028 में भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा। जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर ट्रस्ट तथा संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से तैयारियां तेज कर दी हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।





