उमर अब्दुल्ला का महबूबा मुफ्ती पर बड़ा हमला…

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को बैकडोर भर्ती के आरोपों पर जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, जब महबूबा मुफ्ती मुख्यमंत्री थीं, तब उनके सगे मामा सरताज मदनी के बेटे को चोर दरवाजे से नौकरी पर रखा गया, जिसे बाद में अदालत के सख्त निर्देशों के बाद पद से हटना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने कहा, महबूबा मुफ्ती का बयान उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा है। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार इस मामले में पूरी तरह पारदर्शी है और अगले एक या दो दिनों के भीतर जनता के सामने सारा सच लाकर रख देगी। वे शुक्रवार को श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, जो लोग आज उन पर इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं, वे खुद अपने शासनकाल में सबसे ज्यादा अवैध और बैकडोर नियुक्तियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा, क्या लोग भूल गए हैं कि महबूबा मुफ्ती के कार्यकाल के दौरान की गई ऐसी अवैध नियुक्तियों को अदालतों ने रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर बैंक में पीडीपी-भाजपा सरकार के समय सैकड़ों ऐसी नियुक्तियां की गईं, जिनकी जांच आज भी जांच एजेंसियां कर रही हैं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, अगर वह पिछली सरकार की अवैध नियुक्तियों की गिनती शुरू कर दें, तो मीडिया के पास उसे गिनने के लिए वक्त कम पड़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने पीडीपी को खुली चुनौती देते हुए कहा, अगर उनके आरोपों में जरा भी सच्चाई है, तो वे सबूत पेश करें। उन्होंने कहा कि पीडीपी नेता इस सरकार के कार्यकाल में चोर दरवाजे से भर्ती किए गए किसी एक भी उम्मीदवार का नाम सामने लेकर आएं।
सरकारी नौकरियों के निजीकरण पर लोन ने नेकां सरकार को लिया आड़े हाथ
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा के विधायक सज्जाद गनी लोन ने आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकारी नौकरियों को निजी आउटसोर्स पदों में बदलने को सूबे के युवाओं के खिलाफ एक बड़ा अपराध बताया।
इसके साथ ही उन्होंने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को भी नसीहत दी कि वे केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए इस गंभीर मुद्दे को बैकडोर नियुक्तियों का नाम देकर भटकाने का काम न करें। सज्जाद लोन ने कहा, विधानसभा में उनके द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में खुद सरकार ने माना है कि 25,000 नौकरियां आउटसोर्स की गई हैं। जबकि एक लाख नौकरी देने का वादा किया था। यह कोई बैकडोर एंट्री नहीं, बल्कि सार्वजनिक रोजगार का व्यवस्थित निजीकरण है, जो बैकडोर नियुक्तियों से भी कहीं अधिक खतरनाक है।
सरकार ने गुपचुप कर दीं 25000 नियुक्तियां : इल्तिजा
पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा, प्रदेश सरकार ने 25000 नियुक्तियों को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया है और अब जवाब देने की जगह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यहां-वहां यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, यह नियुक्तियां बेरोजगारों से धोखा हैं।
चोर दरवाजे से अपनों को नौकरी में लाने का प्रयास मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया है। उन्होंने कहा, आखिर प्रदेश सरकार के इस कारनामे का राज खुल गया है। पीडीपी इस मुद्दे को लोगों के बीच लेकर जाएगी और युवाओं के साथ बेइंसाफी को जगजाहिर करेगी। उन्होंने कहा, नियुक्तियां योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए। प्रदेश सरकार अपने चहेतों को नौकरी देने में लगी है। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को नियुक्तियों के बारे में जवाब देना होगा।





