चकला बहियार में तेंदुए की दहशत, वन विभाग ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन

पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड अंतर्गत टीकापट्टी थाना क्षेत्र के चकला बहियार में तेंदुए का खौफ एक बार फिर गहरा गया है। बीते 26 मई से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। इससे पहले 27 मई को चकला मोड़ बहियार में एक तेंदुए को भीड़ द्वारा मार गिराया गया था, लेकिन अब इलाके में दूसरे तेंदुए की मौजूदगी की आशंका फिर से सामने आई है। नए पगमार्क मिलने के बाद यह साफ होता दिख रहा है कि इलाके में एक और तेंदुआ मौजूद हो सकता है।
वन विभाग ने शुरू किया सघन रेस्क्यू ऑपरेशन
तेंदुए के नए पंजों के निशान मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। रेंजर के नेतृत्व में टीम चकला बहियार पहुंची, जहां से वन्यजीव के ताजे पगमार्क बरामद किए गए हैं। इन निशानों के सैंपल लेकर जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
तेंदुए की लोकेशन का पता लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। अलग-अलग दिशाओं में ड्रोन उड़ाकर लगातार इलाके की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए संभावित जगहों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं।
घनी फसलों से रेस्क्यू में आ रही मुश्किलें
वन विभाग की टीम को सर्च ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चकला बहियार का क्षेत्र सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है, जहां इस समय बांसबाड़ी, केले के बागान और मक्के की घनी फसलें खड़ी हैं। इन घनी फसलों के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे तेंदुए को ढूंढना और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही कैंपिंग, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
अपर मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर वन विभाग की टीम दर्जनों वनकर्मियों के साथ मौके पर लगातार कैंप कर रही है। रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि टीम पूरी मुस्तैदी से सर्च ऑपरेशन चला रही है। उन्होंने बताया कि रात के समय लाउडस्पीकर से लगातार माइकिंग की जा रही है, जिसमें ग्रामीणों को अकेले बहियार की ओर न जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या जनहानि को रोका जा सके।





