नीती घाटी में अल्ट्रा मैराथन: एक हजार ने किया आवेदन

हिमालय की तलहटी में बसी नीती घाटी में 31 मई से शुरू होने वाली अल्ट्रा मैराथन के लिए अब तक एक हजार प्रतिभागियों ने आवेदन किया है। इसमें 27 राज्यों के साथ दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। 42 किमी. की मैराथन प्रतिभागियों की शारीरिक व मानसिक परीक्षा लेने के साथ ही रोमांच व साहस का एहसास कराएगी।

बीते वर्ष आदि कैलास की तर्ज पर पर्यटन विभाग इस बार चमोली जिले की नीती घाटी में अल्ट्रा मैराथन का आयोजन कर रहा है। जो 31 मई से दो जून तक चलेगा। इसमें सेना व आईटीबीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास विजन व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्रामीण स्वरोजगार एवं आजीविका मिशन को मजबूती देने के लिए अल्ट्रा मैराथन गांवों को नई पहचान व आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगी।

अल्ट्रा मैराथन में धावक ठंडी हवाओं, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की चुनौतियों का सामना करेंगे। विश्व में सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा मैराथन में मुख्य रूप से हिमालय और लद्दाख क्षेत्र शामिल हैं।

नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन विश्व की छठवीं और भारत की चौथी सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा दौड़ का रिकॉर्ड कायम करेगी। 75 किलोमीटर की अल्ट्रा रन रिमखिम से शुरू होकर सुमना, ग्रैंड कैन्यन स्ट्रेच और मलारी होते हुए नीती गांव तक जाएगी। वहीं, मैराथन 42 किलोमीटर की होगी।

इसके लिए अब तक एक हजार प्रतिभागी पंजीकरण कर चुके हैं। सभी प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य है। दौड़ के दौरान मेडिकल टीम, सपोर्ट स्टेशन और इमरजेंसी हेलिकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

पर्यटन विभाग के अलावा आईटीबीपी और सेना पूरे आयोजन में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स सहयोग प्रदान कर रही है। पर्यटन सचिव ने कहा, यह आयोजन केवल एक खेल स्पर्धा नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने की रणनीति का हिस्सा है। दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटकों के आने से होमस्टे, होटल, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को व्यापक लाभ मिलेगा।

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