इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने का मिलाजुला असर: दबाव में ज्वैलरी कंपनियां, गोल्ड फाइनेंसर और ETFs में बहार

हाल ही में प्रधानमंत्री ने लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी। इसके बाद अब सरकार ने सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है, जिससे ज्वैलरी शेयरों में गिरावट आई है। मगर सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाना हर किसी के लिए नुकसानदेह नहीं है। असल में आज 13 मई को सोने और चांदी के ETF में 6% तक की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही मनाप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और IIFL फाइनेंस जैसी गोल्ड फाइनेंसर्स कंपनियों के शेयरों में 8% तक की तेजी आई है। गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ और गोल्ड फाइनेंसर्स के शेयर क्यों उछले हैं, आइए समझते हैं।
क्या है सरकार का फैसला?
सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर दबाव कम करने के प्रयास का एक हिस्सा है। यह एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद किया गया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष के चलते बढ़ते आर्थिक तनाव के बीच सोने की खरीद से बचने की अपील की थी।
संभावना है कि हाई इम्पोर्ट ड्यूटी से कीमती धातुओं का आयात कम होगा, रुपये को मजबूती मिलेगी और व्यापार घाटा कम करने में मदद मिलेगी।
गोल्ड फाइनेंसर को इसलिए हुआ फायदा
प्रति ग्राम सोने के रेट बढ़ने से, कर्ज देने वालों के पास सिक्योरिटी के तौर पर रखी सोने की ज्वैलरी की कुल कीमत बढ़ जाती है। साथ ही इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी से सोने की लैंडेड कॉस्ट में भी इजाफा होता है, जिससे घरेलू स्पॉट कीमतें तुरंत ऊपर चली जाती हैं, जो कि आज देखने को भी मिला है।
गोल्ड NBFCs अपनी बुक्स को मुख्य रूप से वॉल्यूम के बजाय वैल्यू के आधार पर बढ़ाती हैं, इसलिए घरेलू सोने की कीमतें बढ़ने से उनका कुल AUM अपने आप बढ़ जाता है। यही वजह है कि आज इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।
गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ क्यों उछले?
सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू सोने का वायदा भाव 7.2% बढ़कर 1,64,497 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी का वायदा भाव 8% बढ़कर 3,01,429 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। यह बढ़ोतरी सोने और चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि महंगे फिजिकल इंपोर्ट की वजह से निवेशक ETF का रुख कर सकते हैं और इससे फंड एसेट की वैल्यू बढ़ सकती है।
किस गोल्ड-सिल्वर में कितनी तेजी?
निप्पॉन इंडिया गोल्ड ETF, टाटा गोल्ड ETF, HDFC गोल्ड ETF और ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 4% से 6% तक उछले हैं।
टाटा सिल्वर ETF, निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF और HDFC सिल्वर ETF भी 4% से 6% के बीच चढ़े।
ज्वैलरी कंपनियों के शेयर गिरे
सरकार के फैसले से ज्वैलरी कंपनियों के शेयर गिरे हैं। आज Titan Company, Kalyan Jewellers और Thangamayil Jewellers जैसे ज्वेलरी शेयरों में 1.5% से 6% तक का गिरावट आई है।
जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी पर आयात शुल्क बढ़ने से टाइटन कंपनी, कल्याण ज्वैलर्स और स्काई गोल्ड जैसी ज्वेलरी कंपनियों को दबाव का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि ऊंचे टैरिफ से घरेलू सोने की कीमतें बढ़ेंगी और इससे ग्राहकों के बीच मांग कम हो सकती है।





