BCCI को सताया डर; सभी फ्रेंचाइजियों के लिए जारी किया नया फरमान

 बीसीसीआई ने गुरुवार को आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजियों को आठ पेज के निर्देश दिए हैं जिनमें प्रोटोकॉल के उल्लंघन के संबंध में चिंताएं व्यक्त करते हुए एसओपी भी जारी की है जिनका निकट भविष्य में सख्ती से पालन किया जाएगा।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों के सीईओ को एक लेटर लिखा है। सैकिया ने निर्देश देते हुए लिखा, ” मौजूदा सीजन में कुछ घटनाओं को देखने के बाद यह एडवाइजरी जारी की जा रही है। इसका मकसद आईपीएल से जुड़े सभी हितधारकों से इस बात की उम्मीद है कि वह पेशेवर मानकों, अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और प्रोटोकॉल पालन को मजबूत करेंगे।”

रिपोर्ट के मुताबिक, इस आठ पेज की फाइल में एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट द्वारा रिपोर्ट किए गए कई उल्लंघनों का जिक्र भी किया गया है।

होटल के कमरों में लोगो की एंट्री पर चिंता

इसमें कहा गया है कि कुछ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने टीम मैनेजर की जानकारी या अनुमति के बिना बाहरी लोगों को अपने होटल के कमरों में आने दिया। कई मामलों में टीम मैनेजर को इन लोगों के आने की जानकारी तक नहीं दी गई थी। बीसीसीआई ने इस तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

इस संबंध में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए तीन निर्देश जारी किए हैं जो इस प्रकार हैं।

1. किसी भी व्यक्ति को चाहे उसकी पहचान, रिश्ता या मिलने का मकसद कुछ भी हो, टीम मैनेजर की पूर्व जानकारी और लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या सपोर्ट स्टाफ के होटल कमरे में एंट्री नहीं दी जाएगी।

2. मेहमानों और संबंधित लोगों से केवल होटल की सार्वजनिक जगहों जैसे लॉबी या रिसेप्शन लाउंज में ही मुलाकात की जाएगी। किसी भी मेहमान को निजी कमरे में जाने की अनुमति नहीं होगी। अगर कमरे में जाना है तो तब टीम मैनेजर से लिखित रूप से अनुमति लेनी होगी।

3. बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को ‘हनी ट्रैप’ और पहले से तय टारगेट के जोखिमों के प्रति सतर्क रहने को कहा है। बोर्ड ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों से भारतीय कानून के तहत यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप भी लग सकते हैं।

फ्रेंचाइजी मालिकों को भी मिले निर्देश

खिलाड़ियों के अलावा बीसीसीआई ने कुछ फ्रेंचाइजी के मालिकों द्वारा खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों (पीएमओए) के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर भी चिंता जाहिक की है। बीसीसआई ने कहा कि कुछ मालिकों को मैच के बाद खिलाड़ियों से मिलते हुए, बात करते हुए देखा गया है और उनका ऐसा करना नियमों का सीधा उल्लंघन है। बोर्ड ने इसके लिए भी निर्देश जारी किए हैं जो इस प्रकार हैं।

1. मैच के दौरान फ्रेंचाइजी के मालिक और उनके प्रतिनिधि डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में टीम के खिलाड़ियों या बाकी स्टाफ से सीधे संपर्क नहीं करेंगे। अगर उन्हें ऐसा करना है तो फिर मंजूरी लेनी होगी।

2. प्रतिबंधित क्षेत्रों में मालिकों की एंट्री पीएमओए प्रोटोकॉल के मुताबिक ही होगी। इसमें किसी भी तरह के उल्लंघन को गंभीर माना जाएगा।

3. मैच से पहले मालिकों और उनके सहयोगियों को सभी जरूरी प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी देना फ्रेंचाइजी के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी।

वेपिंग पर रोक

आईपीएल-2026 में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को ड्रेसिंह रूम में वेपिंग करते हुए देखा गया था। इसे लेकर भी भारतीय बोर्ड ने सख्ती दिखाई है। बोर्ड ने इसे लेकर कहा है, “बीसीसीआई की जानकारी में आया है कि ड्रेसिंग रूम सहित अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेपिंग के मामले हुए हैं। भारतीय कानून के तहत वेपिंग और ई-सिगरेट पर प्रतिबंध है। अगर कोई शख्स ऐसा करता है तो वह सिर्फ बीसीसीआई या आईपीएल के नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहा बल्कि भारतीय कानून का उल्लंघन भी कर रहा है जो एक दंडनीय अपराध है।”

प्रतिबंधित जगहों में ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और प्रैक्टिस करने वाली जगह सहित सभी आईपीएल स्थल शामिल हैं।

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