जुलाई 2024 से रेलवे शेयर करा रहे नुकसान, 65% तक टूटे टेक्समैको-Ircon और IRFC; अब आगे क्या?

जुलाई 2024 से रेलवे शेयरों में गिरावट का दौर जारी है, जिसके पीछे कई कारण हैं। जैसे ही हम चार्ट देखते हैं तो पता चलता है कि जुलाई 2024 में रेलवे शेयरों ने अपना-अपना हाई बनाया और उसके बाद से शेयरों का रुख नीचे की ओर है। इन शेयरों में गिरावट 12 जुलाई 2024 से शुरू हुई थी। हम जिन रेलवे शेयरों की चर्चा करने जा रहे हैं, उनमें रेल विकास निगम (RVNL), इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प (IRFC), IRCTC, रेलटेल कॉर्प (Railtel), टेक्मैको रेल (Texmaco Rail) और इरकॉन इंटरनेशनल (Ircon International) शामिल हैं।
कितनी आई है शेयरों में गिरावट?
12 जुलाई 2024 से अब तक रेलवे शेयरों में 65 फीसदी से अधिक तक की गिरावट आई है। इनमें से एक प्रमुख कारण देश के बजट में रेलवे सेक्टर के लिए कम आवंटन है, जिससे निवेशकों की उम्मीदें कम हुई हैं। इसके अलावा, कमजोर तिमाही नतीजे, ग्लोबल अनिश्चितता और ऑफर फॉर सेल (OFS) पर कमजोर रेस्पॉन्स ने भी रेलवे शेयरों पर दबाव डाला है।
कौन-सा शेयर कितना गिरा? (12 जुलाई 2024 से)
टेक्समैको रेल – 65.31 फीसदी
इरकॉन इंटरनेशनल – 59.5 फीसदी
IRFC – 54.13 फीसदी
RVNL – 52.18 फीसदी
रेलटेल कॉर्पोरेशन – 50.8 फीसदी
IRCT – 45.4 फीसदी
शेयरों में आ रही थी तेजी
अगर हम ग्राफ देखें तो पता चलता है कि 12 जुलाई 2024 से पहले सभी रेलवे शेयर ऊपर चढ़ रहे थे। मगर उसके बाद इनमें गिरावट शुरू हुई। लगभग सभी शेयर अपने 52 हफ्तों के टॉप पर थे।
शुरू हुआ गिरावट का दौर
FY25 के पहले हिस्से में रेलवे कंपनियों के सरकारी खर्च कमजोर रहा था। मार्केट को उम्मीद थी कि FY25 के दूसरे हाफ में इसमें तेजी आएगी, मगर ऐसा कुछ खास नहीं हुआ
कमजोर तिमाही नतीजे: रेलवे कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों ने निवेशकों को चिंतित किया है, जिससे शेयरों में गिरावट आई
केंद्रीय बजट में कम आवंटन : बजट में रेलवे सेक्टर के लिए आवंटन निवेशकों की उम्मीदों से कम रहा
ग्लोबल अनिश्चितता : ग्लोबल अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल टेंशन ने भी रेलवे शेयरों पर दबाव डाला है
ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए कमजोर रेस्पॉन्स : IRFC के OFS को कमजोर प्रतिक्रिया मिली, जिससे इन शेयरों के लिए निगेटिव सेंटीमेंट बना
कैसा है फ्यूचर?
जानकारों का मानना है कि रेलवे के विस्तार की उम्मीद काफी मजबूती है। मगर ट्रेडर्स हर ट्रिगर पर रिएक्ट करते रहे हैं और मार्केट की हालत स्थिर होने तक अपनी पोजीशन एडजस्ट कर रहे हैं। जानकार कहते हैं कि लॉन्ग टर्म के नजरिए इन स्टॉक्स को देखा जा सकता है।





