बुर्ज खलीफा के अंदर क्या है? 122वीं मंजिल पर रेस्टोरेंट और 57 लिफ्ट

बात जब दुबई की हो, तो ‘बुर्ज खलीफा’ का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता! 828 मीटर की ऊंचाई के साथ आसमान से बातें करती यह इमारत सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट नहीं, बल्कि दुबई के रुतबे, रफ्तार और कामयाबी का जीता-जागता ताज है। सच कहें तो, हर किसी के दिल में एक बार इसके दीदार का सपना जरूर पलता है।
इसे साल 2010 में आम लोगों के लिए खोला गया था और तभी से यह दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। लेकिन शायद ही कभी किसी ने यह सोचा होगा कि आखिर इस इमारत को क्यों और कैसे बनाया गया। आइए आपको बताते हैं कि इस अजूबे को क्यों और कैसे बनाया गया और इसके अंदर क्या है।
कैसे आया इसे बनाने का आइडिया?
इसे बनाने की सबसे बड़ी वजह कमाई थी। दरअसल, दुबई की सरकार कमाई के लिए सिर्फ ‘तेल’ पर निर्भर नहीं रहना चाहती थी। वे कुछ ऐसा बनाना चाहते थे, जो पूरी दुनिया के निवेशकों और पर्यटकों का ध्यान अपनी तरफ खींचे।
इसी मकसद से वर्टिकल सिटी बनाने का सपना देखा गया। इसके तहत एक ऐसा खड़ा यानी वर्टिकल शहर बनाना था, जहां एक ही छत के नीचे घर, ऑफिस, आलीशान होटल और घूमने-फिरने की जगहें सब मौजूद हों।
कैसे बनाया गया यह अजूबा?
बुर्ज खलीफा को बनाने का काम साल 2004 में शुरू हुआ और आपको जानकर हैरान होगी कि इतनी बड़ी इमारत महज साढ़े पांच साल में यानी अक्टूबर 2009 तक बनकर तैयार भी हो गई थी।
मशहूर आर्किटेक्चर कंपनी ‘SOM’ के एड्रियन स्मिथ और बिल बेकर ने इस इमारत को डिजाइन किया था। इसे इस तरह बनाया गया है कि यह तेज हवाओं और मौसम के बदलाव को आसानी से झेल सके।
बुर्ज खलीफा की खासियत
इस इमारत के बाहर 26,000 भारी कांच के पैनल लगाए गए हैं। इसे लगाने के लिए चीन से 300 से ज्यादा खास कारीगर बुलाए गए थे। वहीं, इसका शिखर 4,000 टन स्टील से बना है। कमाल की बात यह है कि इसे बाहर से नहीं, बल्कि इमारत के अंदर से ही बनाकर फिट किया गया था।
बात करें यहां की सुविधाओं की तो, यहां रोजाना करीब 9.4 लाख लीटर पानी सप्लाई होता है। इसमें 57 लिफ्ट्स हैं, जिनमें दुनिया की सबसे ऊंची सर्विस लिफ्ट भी शामिल है, जो 5,000 किलो तक का वजन उठा सकती है।
कितनी कमाई करता है बुर्ज खलीफा?
इस इमारत को बनाने को बनाने में लगभग 1.4 अरब डॉलर का खर्च आया था। इसका नाम अबू धाबी के शासक खलीफा बिन जायद अल नाहयान के सम्मान में रखा गया था, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में बड़ी आर्थिक मदद की थी।
बात करें इसकी कमाई की, तो यह इमारत सिर्फ पर्यटकों को टिकट बेचकर ही हर साल करीब 621 मिलियन डॉलर (करीब 5,154 करोड़ रुपये) कमा लेती है। साथ ही यहां मौजूद अपार्टमेंट्स की कीमत करोड़ों में है, जिससे दुबई के रियल एस्टेट बाजार को अरबों डॉलर का फायदा हुआ है।
बुर्ज खलीफा के अंदर क्या है?
इसकी शुरुआती मंजिलों पर एक मशहूर ब्रांड का शानदार होटल है। इसके ऊपर की मंजिलों पर प्राइवेट अपार्टमेंट्स हैं, जिन्हें खुद जियोर्जियो अरमानी ने डिजाइन किया है।
122वीं मंजिल पर एक बेहतरीन रेस्टोरेंट है। यहां बादलों के बीच बैठकर खाना खाने का यह अपने आप में एक अनोखा अनुभव है।
124वीं, 125वीं और 148वीं मंजिल पर ‘ऑब्जर्वेशन डेक’ बनाए गए हैं, जहां से पूरे दुबई का 360-डिग्री नजारा दिखाई देता है।
इसके अलावा यहां कई बड़े कॉर्पोरेट ऑफिस, स्पा, जिम और स्विमिंग पूल भी मौजूद हैं, जो अपने आप में बेहद शानदार हैं और इसे वाकई एक मास्टरपीस बनाते हैं।





