लगातार पढ़ाई से हैंग हो रहा है दिमाग? कुर्सी पर बैठे-बैठे करें ये आसान योगासन

बोर्ड परीक्षाएं जबसे आरंभ हुई हैं, 12वीं कक्षा की साक्षी को सबसे ज्यादा पसंद है सुबह, जब वो और उसके पापा मिलकर योग का अभ्यास करते हैं। अब हल्की हो चुकी ठंड में बालकनी में बैठकर कुछ देर योग करने से उसे न सिर्फ तनाव दूर करने में मदद मिलती है, साथ ही पापा के साथ मन की बातें करने को भी समय मिल जाता है।

परीक्षाएं कोई भी हों, वह केवल शैक्षणिक ही नहीं बल्कि मानसिक चुनौती भी होती हैं। ऐसे में योग को सिर्फ व्यायाम नहीं बल्कि ‘परीक्षा रणनीति’ का हिस्सा बनाएं। मन और शरीर को संतुलित करने का यह तरीका आपको तनावमुक्त रखकर बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद कर सकता है।

एक ब्रेक तो बनता है
परीक्षा की तैयारी करते समय बच्चे और माता-पिता यही चाहते हैं कि वे लगातार पढ़ते रहें। हमारी कंडीशनिंग ऐसी ही होती आई है जबकि हमें लगातार बैठने की जगह कुछ देर का ब्रेक अवश्य लेना चाहिए। हमारी रीढ़ की संरचना ऐसी होती है कि यह दिमाग तक तरंगों को ले जाती है। पढ़ाई के दौरान गर्दन झुकी रहती है, जिससे लगातार ऐसी अवस्था में बैठने पर गर्दन और कमर दर्द तो होते ही हैं, मानसिक थकान भी होने लगती है।

पढ़ाई के दौरान होने वाली मानसिक थकान को दूर करने के लिए आगे झुकने वाले आसन सबसे प्रभावी होते हैं। लंबी पढ़ाई के बाद दिमाग थक जाए, तो ‘शशांकासन’ या ‘पादहस्तासन’ करें। इन आसनों में गुरुत्वाकर्षण की मदद से शुद्ध और आक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह सीधे आपके मस्तिष्क की ओर बढ़ जाता है। थोड़ी-थोड़ी देर में गर्दन को पीछे-अागे झुकाएं, दाहिने-बाएं ले जाएं और चक्राकार स्थिति में घुमाएं। इससे मस्तिष्क तक आक्सीजन का सहज संचरण होने लगता है।

थक न जाएं आंखें
लगातार पढ़ते रहने से कई बार विद्यार्थी पलकें कम झपकाते हैं, जिससे आंखों की थकान हो जाती है। बेहतर होगा कि बीच-बीच में स्क्रीन या किताबों से नजर हटाकर जितना दूर देख सकते हैं, वहां तक देखें। अगर आप खिड़की के पास बैठे हैं तो बाहर देखें। 30 सेकेंड तक लगातार पलकें झपकाएं। आंखें बंद करके पांच से छह बार लंबी सांस लें। दोनों हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और धीरे से बंद आंखों पर रखें। यह आंखों की थकी हुई नसों को गहराई से आराम देता है, जिससे आंखों की रोशनी पर बुरा असर नहीं पड़ता और शांति मिलती है।

जरूरी है अच्छी नींद
तनाव के कारण नींद न आना आम है। सोने से पहले 10-15 मिनट का योग निद्रा अभ्यास चार घंटे की गहरी नींद के बराबर आराम दे सकता है। यह अवचेतन मन से तनाव दूर कर शरीर को पूर्ण विश्राम देती है। नकारात्मकता दूर करने के लिए ‘ध्यान’ और ‘संकल्प शक्ति’ का प्रयोग करें। रोज 10 मिनट शांत भाव में बैठकर केवल अपनी सांसों को देखें। योग सिखाता है कि हम अपने विचार नहीं हैं। यह दूरी आपको डर से ऊपर उठकर वर्तमान कर्म (पढ़ाई) पर ध्यान लगाने में मदद करती है।

जब हो घबराहट
अगर कभी नकारात्मक विचार आएं तो स्वयं से बात करें, क्योंकि प्रेरणा भीतर से आती है। स्वयं को समझाएं कि आप यह कर सकते हैं। आईने के सामने अपनी सफलता के बारे में दोहराएं। कई बार होता है कि बच्चे अच्छे से तैयारी करते हैं मगर परीक्षा हाल में प्रश्न पत्र देखते ही उनके दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इस दौरान ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ करें। धीरे-धीरे नाक से चार सेकेंड तक गहरी सांस लें। इसे चार सेकेंड के लिए रोकें।

अब धीरे-धीरे चार सेकेंड में पूरी सांस बाहर निकालें। बिना सांस लिए चार सेकेंड तक रुकें। जब आप इस लयबद्ध तरीके से सांस लेते हैं, तो एक-दो मिनट के भीतर ही मस्तिष्क को संकेत जाता है कि शरीर को शांत होना है। अब दिमाग फिर से स्पष्ट रूप से सोचने लगता है, जिससे आप घबराने के बजाय प्रश्नों के उत्तर लिखने पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

दिमाग की जले बत्ती
स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम और त्राटक रामबाण हैं। भ्रामरी प्राणायाम के दौरान कानों को बंद कर ‘ॐ’ के ‘म्’ उच्चारण की गूंज (मधुमक्खी जैसी आवाज) मस्तिष्क की नसों को सक्रिय करती है। अनुलोम-विलोम का भी अभ्यास करें। यह मस्तिष्क के बाएं और दाहिने हिस्से को संतुलित करता है, जिससे याद रखने की क्षमता बढ़ती है।

पढ़ाई के दौरान मन भटकना स्वाभाविक है। एकाग्रता के लिए वृक्षासन सबसे प्रभावी है। एक पैर पर संतुलन बनाना मस्तिष्क को वर्तमान क्षण में रहने के लिए प्रोग्राम करता है। इसके अलावा, ताड़ासन और गरुड़ासन भी तंत्रिका तंत्र को स्थिर कर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं।

Back to top button